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एंबुलेंस का लाभ लें, सुरक्षित अस्पताल तक आए-विधायक

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कार्यक्रम को संबोधित करते विधायक गौरी शंकर वर्मा - फोटो : ORAI
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जालौन। मरीजों और घायलों को समय से अस्पताल पहुंचाकर उन्हें इलाज मुहैया कराने में एंबुलेंस सेवा बेहतर काम कर रही है। गर्भवती महिलाएं बाइक से अस्पताल तक न आएं। बल्कि निशुल्क एंबुलेंस सेवा का लाभ लेकर अस्पताल तक सुरक्षित आएं। यह बात सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कही। वह शुक्रवार को सीएचसी जालौन में एंबुलेंस सेवा की हेल्प डेस्क का शुभारंभ कर रहे थे।
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सीएमओ डॉ. अल्पना बरतारिया ने बताया कि जिले में गर्भवती महिलाओं व माताओं को सेवा देने वाली 102 नंबर की 21 एंबुलेंस, आकस्मिक जरूरत के समय काम आने वाली 108 नंबर की 23 एंबुलेंस एवं एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) सेवा की चार एंबुलेंस इस समय जिले में है। जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना वायरस को लेकर किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। जिले में कोई भी मरीज नहीं है और न ही किसी में कोरोना वायरस संबंधी लक्षण मिले हैं। कोरोना से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ एंबुलेंस सेेवा भी तैयार है। एंबुलेंस सेवा के झांसी मंडल प्रभारी दिनेश सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 से जनवरी 2020 तक 102 सेवा के जरिए 158867, 108 सेवा से 59198 और एएलएस सेवा से 3536 मरीजों को लाभ दिया गया है। एंबुलेंस से झांसी, कानपुर, लखनऊ, ग्वालियर के साथ दिल्ली तक सेवा उपलब्ध कराई गई है। अभी महिला अस्पताल, सीएचसी कोंच में हेल्प डेस्क की सेवा उपलब्ध थी। जल्द ही रामपुरा, माधौगढ़ व डकोर के साथ ही मेडिकल कालेज में भी हेल्प डेस्क सेवा शुरू हो जाएगी। इस दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर सुनील कुमार, जिला प्रभारी दीपक वर्मा, नगर अध्यक्ष अभय राजावत,रामू गुप्ता, उमेश तिवारी,प्रदीप सक्सेना समेत कई लोग मौजूद रहे।
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मोबाइल न लगने पर भी मदद करेगी हेल्प डेस्क
मंडल प्रभारी दिनेश सिंह ने बताया कि इस हेल्प डेस्क का काम मरीजों को एंबुलेंस सेवा का लाभ दिलाना है। मोबाइल नंबर न लगने या किसी मरीज के पास मोबाइल न होने की स्थिति में मरीज सीधे हेल्प डेस्क पर जाकर एंबुलेंस सेवा मांग सकता है। यह सेवा उसे पूरी तरह निशुल्क मिलेगी। अस्पताल में आने वाले मरीजों को घर तक पहुंचाने और उन्हें इलाज मुहैया कराने में हेल्प डेस्क मदद करेगी।
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