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Jalaun News: 20 बीघा फसल चट कर गए आवारा गोवंश, किसानों ने गोशाला में किया बंद

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फोटो - 04 खेतों में फसल को नष्ट करते गोवंश। स्रोत किसान
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कालपी। नगर सीमा से सटे मौजा लंगरपुर में आवारा गोवंशों ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। रविवार सुबह खेतों में घुसे गोवंशों ने करीब 20 बीघा गेहूं और मटर की फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया। इससे आक्रोशित किसानों ने खुद ही बड़ी संख्या में आवारा गोवंशों को घेरकर पालिका परिषद द्वारा संचालित गोशाला में बंद कराया और संचालन को लेकर जिम्मेदारों पर नाराजगी जाहिर की।
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शासन की ओर से आवारा गोवंशों के संरक्षण के लिए नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में गोशालाओं की व्यवस्था की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसका संचालन ग्राम प्रधान व सचिव करते हैं, जबकि नगरीय क्षेत्रों में जिम्मेदारी नगर निकायों की होती है। शासन की ओर से प्रति गोवंश प्रतिदिन 50 रुपये की धनराशि भी दी जाती है। इसके बावजूद नगर व ग्रामीण इलाकों में गोवंशों का आवारा विचरण थम नहीं रहा है।

किसानों का कहना है कि आवारा गोवंशों की वजह से उन्हें अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए दिन-रात खेतों में पहरा देना पड़ता है। थोड़ी सी चूक होने पर सालभर की मेहनत बर्बाद हो जाती है। रविवार सुबह भी यही हुआ जब आवारा गोवंशों ने खेतों में घुसकर गेहूं और मटर की फसल को सफाचट कर दिया।
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किसान हीराचंद, राममोहन, रामगणेश, संजू सहित अन्य ने बताया कि उन्होंने कई बार आवारा गौवंशों की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी लापरवाही का नतीजा है कि उनकी फसल पूरी तरह चौपट हो गई।

फसल नष्ट होने से व्यथित और आक्रोशित किसानों ने आखिरकार खुद पहल करते हुए आवारा गोवंशों को पकड़कर नगर पालिका की गोशाला में बंद कराया। किसानों का कहना है कि किससे शिकायत करें, जिम्मेदारों को खुद सोचना चाहिए।
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वर्जन
यह गोवंश कहां से आए, इसकी जांच कराई जाएगी। किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाने के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


मनोज कुमार, एसडीएम कालपी

फोटो - 04 खेतों में फसल को नष्ट करते गोवंश। स्रोत किसान

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