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ट्रक बिक्री के नाम पर ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार

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उरई। ट्रक बेचने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी करने वाले दो ठगों को साइबर क्राइम सेल व पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से मोबाइल, लैपटॉप, कार, नकदी व सोने-चांदी के जेवर बरामद हुए हैं।
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बृहस्पतिवार को इसका खुलासा करते हुए एसपी रवि कुमार ने बताया कि कुठौंद थाना कस्बा निवासी अनुभव कुमार शुक्ला ने एक शिकायती पत्र दिया था। बताया था कि कुछ लोगों ने यार्ड से खिंची हुई ट्रक को बेचने के नाम पर उससे रिलायंस रिटेल लिमिटेड के खाते में सात लाख रुपये जमा करा लिया। उसे लग रहा है कि ठगी हो गई है। इसके बाद साइबर क्राइम सेल की टीम ने धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए जांच शुरू की। टीम ने शक पुख्ता होने पर शाहिद हाशमी (निवासी स्वर्ण नगरी ग्रेटर नोएडा व जनता सोसाइटी थाना बीटा जनपद गौतमबुद्ध नगर) स्थायी पता मोहल्ला बलुआ घाट किला रोड कस्बा व थाना जौनपुर जनपद जौनपुर और सुमित शर्मा (निवासी नगला बुद्ध हेमराज थाना हाथरस गेट जनपद हाथरस) को पकड़ लिया। वांछित अजय शर्मा (निवासी कुंड़ा थाना हाथरस गेट हाथरस) की तलाश पुलिस कर रही है। पकड़े गए लोगों के पास से दो अंगूठी, एक सोने का सिक्का, तीन मोबाइल, एक की-पैड मोबाइल, कार, 2910 रुपये नकद व लैपटॉप बरामद हुआ। वहीं पुलिस ने अनुभव कुमार शुक्ला की ओर से जमा कराए गए तीन लाख 60 हजार रुपये को रिलायंस रिटेल लिमिटेड के खाते से होल्ड करा दिया है।
इनसेट
इस तरह करते थे धोखाधड़ी
पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी विभिन्न यार्ड में खड़ी, खिंची हुई ट्रक की जानकारी देकर ट्रांसपोर्टर या इच्छुक व्यक्ति से मोबाइल से संपर्क करते थे। इसके बाद सोशल नेटवर्किंग साइट के माध्यम से फोटो लेकर भेज देते थे। जब ट्रांसपोर्टर फोटो देखकर संतुष्ट हो जाता था तो वह लोग डाउन पेमेंट रिलायंस रिटेल लिमिटेड के विभिन्न शहरों में शोरूम के खाता संख्या को ट्रांसपोर्टरों को भेज देते थे। जब शोरूम के खातों में आरटीजीएस व अन्य ऑनलाइन माध्यमों से धनराशि आ जाती थी तो वह ज्वैलरी खरीद लेते थे। इसके बाद उसको बेचकर नकदी आपस में खर्च कर लेते थे। मोबाइल व सिम तोड़कर फेंक देते थे। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राजेश सिंह, राम प्रकाश यादव प्रभारी साइबर क्राइम सेल आदि शामिल रहे।
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