उरई। जिले में सुर्खियों में रही एसओजी टीम को भंग करने के 22 दिन बाद दोबारा गठित किया गया है। इस बार इसकी जिम्मेदारी उपनिरीक्षक वरुण प्रताप को दी गई है। जबकि सर्विलांस सेल की जिम्मेदारी बस स्टैंड चौकी प्रभारी रिंकू चौधरी को दी गई है। लगातार किरकिरी होने के बाद एसपी ने पूरी टीम भंग कर दी थी।
जिले में गठित एसओजी टीम कुछ समय से हमेशा सुर्खियों में रही। राजस्थान के अलवर में हुए अपहरण कांड में जब एसओजी के चार सिपाहियों के नाम प्रकाश में आए तो जिले में खलबली मच गई थी। एसपी डॉ.दुर्गेश कुमार ने चारों को निलंबित कर विभागीय जांच के भी आदेश दिए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने पूरी टीम को भंग कर दिया था और सभी को लाइन भेज दिया था।
करीब 22 दिन बाद गुरुवार को एसपी ने टीम का दोबारा से गठन कर दिया। साइबर थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक वरुण प्रताप सिंह को एसओजी प्रभारी बनाया है। जबकि कोंच बस स्टैंड चौकी प्रभारी रिंकू चौधरी को साइबर थाना प्रभारी की कमान सौंपी है। वहीं, एसओजी के प्रभारी रहे सतीश कुशवाह को कोंच बस स्टैंड चौकी की जिम्मेदारी दी है। एसओजी टीम में पुलिस लाइन से सिपाही बसंत कुमार, नदीगांव थाने से रवि कुमार, कैलिया से अंकुर शर्मा, अभियोजन कार्यालय से आकाश चौधरी, थाना रामपुरा से चालक जावेद अख्तर को टीम में जगह दी गई है। वहीं, चुर्खी थाने में तैनात सिपाही सुशांत सिंह को सर्विलांस सेल भेजा गया है।