उरई। सचिव व ग्राम प्रधान ने कागजों में कार्य दिखाकर लाखों रुपये का फर्जी भुगतान कर सरकारी धन का बंदरबांट कर लिया। जांच में बिना काम के भुगतान निकालने की पुष्टि हुई है। मामले में प्रधान और सचिव से सात लाख रुपये की वसूली के आदेश दिए गए हैं।
महेवा ब्लाक के पाल मडैया गांव निवासी शिकायतकर्ता नंदकिशोर ने कमिश्नर से शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मान सिंह पाल व सचिव अमर सिंह ने वर्ष 2021 से लेकर 2024 तक कई कार्यों का बिना कार्य के भुगतान करा लिया है। कार्य को केवल कागजों में दिखाकर लाखों रुपये का बंदरबांट किया गया है। शिकायत मिलने पर कमिश्नर ने पूरी जांच सीडीओ को सौंपी थी। इस पर सीडीओ ने दो सदस्यीय टीम बनाई थी। दो सदस्यीय टीम में डीडीओ महेंद्र प्रसाद चौबे व आरईएस के एई अनूप कुमार मिश्रा जब गांव पहुंचे और शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की गहनता से जांच की तो पता चला कि आरोप सही हैं।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि व सचिव ने मिलकर कई कच्चे व पक्के कार्यों को बिना कराए ही कागजों में दिखाकर इनका भुगतान करा लिया है। टीम ने पाया कि दोनों ने मिलकर करीब छह लाख 94 हजार रुपये का गबन किया है। इस पर टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट सीडीओ को सौंपी। दोनों को दोषी पाते हुए गबन किए हुए रुपये जमा करने के आदेश जारी हुए हैं। अगर वह गबन की हुई रकम जमा नहीं करते हैं। तो कार्रवाई की जाएगी।