बीएसए कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे शिक्षामित्र।
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उरई। शिक्षामित्रों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को बीएसए कार्यालय के बाहर धरना देकर नारेबाजी की। इसके बाद मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर शिक्षक पद पर बहाली की मांग की।
25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों का शिक्षक पद पर समायोजन रद करने का आदेश दिया था। इसके बाद शिक्षामित्रों ने लगातार कई दिन प्रदर्शन किया था। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया था। पंद्रह दिन बाद भी सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल न होने से शिक्षामित्रों ने गुरुवार से फिर आंदोलन शुरू कर दिया। शुक्रवार को दूसरे दिन आदर्श समायोजित शिक्षक व शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय परिसर में धरना दिया। धरना सभा में एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष इंद्रजीत विश्वकर्मा ने कहा कि समायोजन रद होने से शिक्षामित्र परेशान हैं। अब उन्हें सरकार से ही उम्मीद है लेकिन सरकार ने अभी तक कोई पहल नहीं की है। इससे शिक्षामित्र मायूस हैं। वंदना तिवारी ने कहा कि संघर्ष के बाद शिक्षक पद पर नौकरी मिली थी। समायोजन रद होने से शिक्षामित्रों फिर सड़क पर आ गए हैं। उम्र के इस पड़ाव में शिक्षामित्रों को कौन नौकरी देगा। धरने के बाद शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर शिक्षक पद पर बहाली की मांग की। प्रदर्शन में इंद्रजीत विश्वकर्मा, राधाकृष्ण, अरुण तोमर, छाया तिवारी, प्रीति कुशवाहा, भगवती, रविंद्र पटेल, महेंद्र सिंह, कल्पना तिवारी, उर्मिला यादव, प्रेम कुमार, प्रदीप सिंह, प्रेमलता करन सिंह और रामप्रकाश आदि शिक्षामित्र मौजूद रहे।