कलक्ट्रेट में धरने पर बैठीं कार्यकर्ताओं को संबोधित करतीं संघ की नेत्री।
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उरई। लंबित मांगे पूरी न होने से खफा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को तहसील गेट पर धरना देकर कलक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर नारेबाजी की। डीएम को ज्ञापन देने की मांग पर अड़ीं कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने कोतवाली और महिला थाने की फोर्स बुला ली। समझाने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शांत हो गईं फिर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के तत्वावधान में गुरुवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तहसील गेट पहुंची और धरने पर बैठ गईं। धरना सभा में संघ की प्रदेश संगठन मंत्री अनीसा खातून ने कहा कि काफी समय से हक की लड़ाई लड़ रही हैं। किंतू हम लोगों को सरकार से आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। हम लोग पूरी निष्ठा के साथ काम कर रही हैं लेकिन हमको वाजिब हक नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में भी 90 दिन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया था। सरकार को उनका वादा याद दिलाने के लिए इस महारैली का आयोजन किया गया है। रेखा अवस्थी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारियों के समान अधिकार दिए जाने चाहिए। धरना के बाद कार्यकर्ता जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचीं और सिटी मजिस्ट्रेट को आठ सूत्री मांगों का ज्ञापन दिया। ज्ञापन देने के बाद कार्यकर्ता डीएम नरेंद्र शंक र पांडे को ज्ञापन देने पर अड़ गई। उनका कहना था कि डीएम कार्यालय से बाहर आकर ज्ञापन लें। सिटी मजिस्ट्रेट ने समझाया लेकिन कार्यकर्ता नहीं मानीं और वहीं धरने पर बैठ कर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ता देख सिटी मजिस्ट्रेट ने सीओ सिटी संतोष कुमार, शहर कोतवाल देवेंद्र द्विवेदी, महिला थानाध्यक्ष नीलेश कुमारी को फोर्स के साथ बुला लिया। पुलिस को देख कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी तेज कर दी। कुछ महिलाओं को पुलिस ने पकड़ लिया। सिटी मजिस्ट्रेट के काफी समझाने के बाद कार्यकर्ता शांत हुई और धरना खत्म कर दिया। पकड़ी गईं कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने छोड़ दिया। धरना प्रदर्शन में रेशमा खातून, अशोक कुमारी, जुलेखा, और सरस्वती सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहीं।