उरई (जालौन)। पारिवारिक कलह में पति पर केरोसिन डाल जला देने की आरोपी पत्नी को दोषसिद्ध होने के बाद जिला जज अनिल कुमार गुप्ता ने बृहस्पतिवार को सात साल की कैद और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। पति की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में करीब पौने दो माह बाद इलाज के दौरान मौत हुई थी। महिला के देवर ने थाने में गैरइरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
घटना रामपुरा थाने के मल्हानपुरा गांव में 11 अक्तूबर 2017 की है। जिला शासकीय अधिवक्ता लखनलाल निरंजन ने बताया कि गिरीश कुमार उर्फ दीपू (38) पुत्र गुलाब सिंह की शादी 2007 में सरिता के साथ हुई थी। दंपति के बीच शादी के बाद से झगड़े शुरू हो गए थे। सरिता ने 11 अक्तूबर की शाम करीब छह बजे विवाद के दौरान गुस्से में मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी। गंभीर हालत में झुलसे गिरीश को ग्वालियर में भर्ती कराया गया था, जहां से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया था। वहां 5 दिसंबर 2017 को गिरीश की मौत हो गई थी। गिरीश के भाई महेंद्र ने 18 अक्तूबर 2017 को थाने में भाभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने गिरीश की मौत के बाद सरिता को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। निरंजन के मुताबिक, पत्नी और बच्चों संग दीपू फरीदाबाद में रहकर मजदूरी करता था। वहां पर भी अक्सर दोनों के बीच विवाद होता रहता था। घटना से कुछ समय पूर्व ही दंपति गांव में आकर रहने लगे थे। यहां भी दोनों के बीच विवाद होता रहता था। 2017 में दंपति के बीच विवाद होने पर मामला जब थाने पहुंचा था, तो दोनों के बीच समझौता करा दिया गया था। जिला जज अनिल कुमार गुप्ता ने सरिता पर दोष साबित होने पर सात साल के कारावास की सजा सुनाई।