उरई। साइबर और कोतवाली पुलिस ने बुधवार को अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सात शातिरों को गिरफ्तार किया है। यह लोग ऑनलाइन गेमिंग एप के जरिये लोगों को ठगते थे। इसके पास से 133 एटीएम, 32 मोबाइल, चैकबुक, लैपटॉप आदि बरामद हुए हैं।
पुलिस लाइन सभागार में एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि बुधवार को कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि जालौन के एक मकान में कुछ लोग ठगी के लिए ठहरे हुए हैं। पुलिस ने छापा मारकर वहां से सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि क्रिकबज, फेयरप्ले, लोटस जैसे ऑनलाइन गेम एप के नाम पर वह लोगों को दोगुना पैसा दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद लोगों से उनके आधार कार्ड और फोटो लेकर फर्जी बैंक खाते खुलवाते थे। उन्हीं खातों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम जमा करवाई जाती थी। यह लोग खुद को अलग-अलग नामों से पहचान छिपाकर काम करते थे। इसके बाद वहां से किसी दूसरे स्थान पर चले जाते थे।
एसपी ने बताया कि पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन शातिरों से जुड़े बैंक खातों से संबंधित शिकायतें एनसीसीआरपी पोर्टल पर महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना व उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से प्राप्त हुई हैं। कुल 35 ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हैं।
शातिरों ने नाम मध्य प्रदेश के दतिया निवासी विश्वजीत दांगी, झांसी जिले के हंसारी गांव निवासी कपिल सेन, दतिया के राजघाट निवासी दीपक बघेल उर्फ दीपू, मैनपुरी के करहल निवासी उपहार श्रीवास्तव, सिकंदरा आगरा निवासी सुनील जादौन, हर्ष गुप्ता, राजस्थान के भरतपुर निवासी धर्मेंद्र सिंह जादौन हैं।
शातिरों के पास से पुलिस को 133 एटीएम कार्ड, 104 पासबुक, 11 चेकबुक और 80 सिम कार्ड बरामद किए हैं। इसके अलावा 32 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, एक वाईफाई डिवाइस, 14 क्यूआर कोड और 74,500 रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं। एसपी ने टीम को 10,000 रुपये इनाम देने की घोषणा की है।