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महाराष्ट्र से जिले में पहुंचे सात लोग, किए गए क्वारंटीन

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कदौरा में एंबुलेंस पर मरीजों को बिठाते एसडीएम व सीओ - फोटो : ORAI
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कदौरा (जालौन)। कदौरा कस्बे में उस वक्त हड़कंप मच गया। जब प्रशासन को सूचना मिली कि महाराष्ट्र से पैदल चलकर तीन बच्चों समेत सात लोग ब्लाक क्षेत्र के मसगांया गांव में पहुंचे हैं। सूचना पाते ही नायाब तहसीलदार स्वास्थ्य टीम के साथ गांव पहुंचे और लोगों का चिकित्सीय परीक्षण कराया। इसके बाद तीन लोगों को मेडिकल कालेज व अन्य को परिषदीय विद्यालय में बने सेंटर में क्वारंटीन किया गया। वहीं जानकारी लगते ही एसडीएम व सीओ मौके पर पहुंचे और आए हुए लोगों की जानकारी न देने पर प्रधान को फटकार लगाई।
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रविवार सुबह महाराष्ट्र से तीन बच्चों सहित कुल सात लोग ब्लाक के गांव मसगांया में पहुंचे। जैसे ही यह जानकारी अन्य ग्रामीणों को हुई तो गांव में हड़कंप मच गया और किसी ग्रामीण ने इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दे दी। सूचना पाते ही नायब तहसीलदार राजेश पाल, डॉक्टर अजय शर्मा, रूपल गुप्ता व दयाशंकर आदि टीम के साथ गांव पहुंचे और सभी लोगों का परीक्षण किया, जिसमें तीन पुरुषों को ऐतिहातन एंबुलेंस से जांच के लिए मेडिकल कालेज भेज दिया। सूचना पर पहुंचे उपजिलाधिकारी कौशल कुमार व सीओ राहुल पांडे ने आए हुए लोगों से बात कर चेतावनी दी कि सेंटर से बाहर न जाएं और न किसी से मिलें अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम ने बताया कि मसगांया निवासी सातों लोग 8 अप्रैल दिन को महाराष्ट्र के देवपुर कस्बा जिला धुलिया से निकले थे और रविवार सुबह गांव पहुंचे। सुंदर के अनुसार वह महाराष्ट्र से तो पैदल ही निकला था, लेकिन रास्ते में खाद्य सामग्री वाले वाहनों में बैठ बैठ कर छह दिन बाद गांव पहुंचा है। चिकित्सा अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि कुल 7 लोग है, जिसमें 3 बच्चे एक महिला व तीन पुरुष है। इनमें से तीन पुरुषों को जांच के लिए मेडिकल भेजा और वहीं क्वारंटीन किया। इसके अलावा चार लोगों को परिषदीय स्कूल में क्वारंटीन किया गया। वहीं लोगों के पहुंचने की सूचना न देने पर एसडीएम ने प्रधान को कड़ी फटकार लगाकर चेतावनी दी।
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झांसी गए दो लोग, प्रशासन ने दी सूचना
सुंदरलाल ने बताया कि उसके साथ दो साले भी थे, जो मूल रूप से झांसी के रहने वाले है। वह सुबह गांव से झंासी के लिए निकले है। प्रशासन ने गंभीरता से लेकर झांसी जिला प्रशासन को इसकी सूचना दे दी है।
प्रधान पति ने लगाया सचिव पर आरोप
महाराष्ट्र से आए लोगों की सूचना मिलने पर जब उपजिलाधिकारी व सीओ मसगांया पहुंचे तो वहां पर गंदगी व बाहर से आने वालों की सूचना न देने पर प्रधान पति चरण सिंह को फटकारा तो प्रधान पति ने उपजिलाधिकारी को बताया कि ग्राम सचिव संतोष कुमार फोन नहीं उठाते हैं और न सहयोग करते हैं। जिस पर उपजिलाधिकारी कौशल कुमार ने सचिव को फोन सुधार करने की चेतावनी दी है।

कदौरा में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करती स्वास्थ्य विभाग की टीम- फोटो : ORAI

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