युवक की हत्या में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक 45 वर्षीय कैदी की जिला अस्पताल में रविवार की देर रात मौत हो गई। सूचना मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जेल प्रशासन ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। कैदी के परिजनाें ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाकर पूरे मामले की जांच की मांग की है। जालौन कोतवाली के गांव सिंकरी राजा निवासी चंद्रपाल सिंह उर्फ
बबलू (45) पुत्र समरजीत ने वर्ष 2002 में गांव के ही बांकेबिहारी की जमीनी विवाद को लेकर हत्या कर दी थी। कोर्ट के फैसले में उसे दोषी ठहराया गया था। लिहाजा वह आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। करीब छह माह पहले उसकी हालत बिगड़ी तो जेल के डाक्टर ने उसे जिला अस्पताल में दिखाया। यहां उसे एपेंडिक्स की बीमारी बताई गई थी। इलाज चलता रहा लेकिन उसे आराम नहीं मिला तो डाक्टरों
ने एक सप्ताह पहले उसे कानपुर रेफर कर दिया था। आरोप है कि बावजूद इसके जेल प्रशासन ने उसे कानपुर इलाज के लिए नहीं भेजा रविवार की देर रात कैदी की अचानक हालत बिगड़ गई। जेल प्रशासन ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक कै दी के भाई जितेंद्र व राजकुमार ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि वह 8 दिन पहले ही भाई से मिलने जेल गए थे। तब भी उसने दर्द की बात कही थी। फिर भी जेल प्रशासन ने उसको इलाज के लिए नहीं भेजा। वहीं इस बावत जेल प्रशासन का कहना है कि उन्हाेंने प्रतिसार निरीक्षक से सुरक्षा मांगी थी वह न मिल पाने से विलंब हुआ है।