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पत्र की भाषा, विरोध में हड़ताल पर रहे अधिवक्ता

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कलक्ट्रेट में कार्य बहिष्कार आंदोलन के दौरान नारेबाजी करते अधिवक्ता। - फोटो : ORAI
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उरई/कोंच। शासन के एक पत्र में अधिवक्ताओं के लिए की गई भाषा के विरोध में वकीलों ने शुक्रवार को मोर्चा खोल दिया। बार कौंसिल ऑफ यूपी की अपील पर अधिवक्ताओं ने विरोध दिवस मनाते हुए हड़ताल की। साथ ही राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया।
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उरई में जिला बार संघ अध्यक्ष उदयशंकर द्विवेदी राजा की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार कर और ज्ञापन सौंपा। महासचिव उपेंद्र प्रताप, प्रभात पटैरिया, सुमित नारायण, शिवकुमार, पवन, विनीत, लक्ष्मीकांत आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। इस दौरान सिविल के 27, क्रिमिनल के 68, एससीएसटी के 42 समेत विभिन्न कोर्ट में करीब एक हजार मामले प्रभावित हुए। वादकारियों को अगली तारीख मिल गई।
कोंच संवाद के अनुसार, बारसंघ अध्यक्ष संजीव तिवारी की अगुवाई में कोंच के अधिवक्ताओं ने ज्ञापन में कहा कि पत्र की वकीलों के लिए प्रयुक्त भाषा बेहद निंदनीय और आपत्तिजनक है। इस दौरान अवधेश द्विवेदी, विनोद अग्निहोत्री. राकेश तिवारी, शौकत, सौरभ मिश्रा, अमित श्रीवास्तव, तेजराम जाटव, ओमप्रकाश कौशिक,अंबरीश रस्तोगी आदि मौजूद रहे। कालपी संवाद के अनुसार अधिवक्ताओं के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने एसडीएम को दिया।
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बारसंघ के पूर्व अध्यक्ष अमर सिंह निषाद, रामकुमार तिवारी, दिनेश श्रीवास्तव आदि अधिवक्ताओं ने ज्ञापन में मांग की कि आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने वाले अधिकारी को हिदायत दी जाए।
जालौन संवाद के अनुसार, बुंदेलखंड एडवोकेट बार एसोसिएशन मुंसिफ कोर्ट के अध्यक्ष जितवार सिंह राठौर के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम राजेश सिंह को सौंपा। इस दौरान अमित श्रीवास्तव,संतोष यादव, गोल्डी अवस्थी, पिंटू द्विवेदी, देवेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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