उरई। लगातार हो रही बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी से नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। रविवार को रगौली गांव में बने पुल के ऊपर से नून नदी का पानी बहने लगा है। इससे तीन हजार लोगों का आने-जाने का रास्ता बंद हो गया है। इसी प्रकार कोंच में पहूज नदी का जलस्तर बढ़ने से मऊ गांव के रास्ते में नदी का पानी भर गया है। इससे लोगों बाढ़ का डर सताने लगा है। ग्रामीणों ने बताया कि नदी का पानी बढ़ने से गांव का रास्ता बंद हो गया है। दो दिन से बिजली सप्लाई भी नहीं आ रही है।
डकोर ब्लॉक के रगौली गांव के ग्रामीण राजाबाबू, बलखंडली, बलराम, कृष्णकुमार आदि का कहना है कि पुल को ऊंचाई से बड़वाने के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं। कोई सुनवाई नहीं होती है। कई लोग अब जान जोखिम में डालकर यहां से निकलने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि नून नदी पर बने पुल के ऊपर से रविवार की रात पानी बहने लगा। इससे गांव का आवागमन पूरी तरह से बंद हो है। सुबह जब लोग पुल के पास पहुंचे तो पानी का तेज बहाव होने की वजह से नहीं निकल सके।
इधर, कोंच संवाद प्रतिनिधि के अनुसार रविवार की रात पहूज नदी का जलस्तर बढ़ने से मऊ गांव के बाहर मेन रास्ते में बना पुल पानी में डूब गया। इससे लोगों का आवागमन भी बंद हो गया। रास्ते में नदी का पानी भरने से पुरानी मऊ में संचालित उच्च प्राथमिक विद्यालय में नई मऊ के बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे है। ग्रामीणों ने बताया कि नदी किराने के खेत भी जलमग्न हो गए है। फसलें खराब हो रही हैं।
लोगों की परेशानी को देखते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर समस्या का समाधान कराने का काम किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
केके सिंह, सीडीओ जालौन
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नदी में पानी बढ़ने से ढीमरपुरा की सप्लाई ठप
कोंच। मऊ गांव का मजरा ढीमरपुरा जो पहूज नदी के उस पार बसा है। नदी का जलस्तर बढ़ने से ढीमरपूरा की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई है। इससे ग्रामीण बिजली की समस्या से परेशान हो रहे हैं। ग्रामीण बताते है कि नदी का पानी बढ़ने से गांव की सप्लाई काट दी गई है। आसपास के खेत भी नदी के पानी मे डूब गए है। किसानों की फसलें खराब हो रही है।
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फोटो 3-कुसेपुरा पुलिया पर पानी आने से बारह गांवों का आवागमन रुका। संवाद
कुसेपुरा पुलिया पर पानी आने से 12 गांवों का आवागमन ठप
रामपुरा। नदियों में जलस्तर बढ़ने से कुसेपुरा पुलिया पर पानी भर गया है। इससे 12 गांवों का आवागमन ठप हो गया है।
कुसेपुरा में बनी पुलिया और आईटीआई रामपुरा से निनावली पुल, जिसकी दूरी लगभग एक किलोमीटर है। वहीं, निनावली पुल के अप्रोच से सिद्धपुरा रोड पर पांच सौ मीटर राठौर के कुआं तक सड़क ऊंची बनाई जाती तो नदिया पार के एक दर्जन गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों को प्रत्येक साल बाढ़ परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। इस समय सड़क का निर्माण हो रहा था तब डिकौली के पूर्व प्रधान सतेंद्र सिंह बबलू, सरनाम सिंह, दशरथ दोहरे, गुड्डा प्रधान आदि ने पीडब्लूडी के अधिकारियों से मिले थे। उस वक्त प्रार्थनापत्र देकर मांग की थी कि सड़क को दो मीटर ऊंचा किया। पीडब्लूडी ने लाखों रुपये की लागत से सड़क बनाई, लेकिन प्रत्येक बरसात में जरा से पानी में सड़क पर पानी आ जाता है। इसी तरह से कुसेपुरा में पुलिया की ऊंचाई भी नहीं बढ़ाई गई और यहां भी पानी भर जाता है। इसके चलते एक दर्जन गांवों का आवागमन ठप हो जाता है। कुसेपुरा के ग्रामीण भानु, कन्हैयालाल, राजेश ने बताया कि अधिकारियों की अनसुनी से हम लोग समस्या से जूझ रहे हैं। (संवाद)