उरई। विभाग के साथ रहोगे या हड़ताल धरना पर जाओंगे... मुख्य अभियंता के इस सवाल से सभी एसडीओ और जेई हक्का बक्का रह गए। उन्होंने कहा कि विभाग के साथ रहोंगे तो फायदे में रहोंगे और धरना पर गए तो कार्रवाई भी होगी। धरना देने में सभी का नुकसान है।
निजीकरण के विरोध से पहले जेई, एसडीओ से बातचीत करने मुख्य अभियंता झांसी महेंद्र कुमार पहुंचे। उन्होंने कालपी रोड के ऊर्जा भवन में बैठक की। इसमें दो अधिशासी अभियंता और कई कर्मचारी नदारद रहे। उन्होंने दोनों अभियंता को एक दिन की कटौती वेतन रोक दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों अभियंता सभी नदारद कर्मचारियों के स्पष्टीकरण लेकर उनके पास पहुंचें। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो कार्रवाई होगी।
इसके बाद उन्होंने निजीकरण के फायदे गिनाते हुए कहा कि निजीकरण के बाद व्यवस्थाओं में सुधार होगा। लेकिन एक भी जेई और एसडीओ इस पर सहमत नहीं हुए। मुख्य अभियंता ने सभी एसडीओ और जेई से इसको लेकर उनकी राय पूछी। सभी ने निजीकरण का विरोध किया। कहा कि जो उनका संगठन तय करेगा। उसी के अनुसार वह कदम उठाएंगे। संगठन निजीकरण के विरोध में है। इसलिए सभी विरोध में रहेंगे।
ओटीएस योजना में अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को जोड़ने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत उन सभी के बकाया जमा कराए जाएं जो बिल अधिक होने के चलते अपना बकाया जमा नहीं कर पा रहे हैं। इस योजना का प्रचार प्रसार भी जोरों से किया जाए। जो कर्मचारी व अधिकारी लापरवाही बरतेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
ठेकेदार की अभद्रता पर खामोश
उन्होंने कहा कि कई शिकायतें मिली हैं। काम नहीं हो रहा है तो कई जगह पर गुणवत्ताविहीन काम किया गया है। उन्होंने ठेकेदार को चेतावनी दी कि अगर काम ठीक नहीं हुआ तो वह कागजी कार्रवाई करेंगे। मोबाइल का स्पीकर खुला हुआ था ठेकेदार बोला कि आप कितनी कार्रवाई करेंगे, आप तो कार्रवाई कर ही रहे हैं और कर लो। ये आपका अधिकार है। इससे मुख्य अभियंता की आवाज बंद हो गई। ठेकेदार के अभद्र रवैया से जेई और एसडीओ ने चुप्पी साध ली।