आटा। दो माह से कुशवाहा बस्ती की टूटी पड़ी पाइपलाइन को सुधारने का काम शुरू कर दिया गया है। लगभग 60 दिनों से दूषित पानी पीने को मजबूर परिवारों ने अमर उजाला को खबर प्रकाशित करने पर बधाई दी है।
पिछले दो माह से आटा गांव के कुशवाहा बस्ती में जल संस्थान की पाइप लाइन टूटी पड़ी थी। इससे जहां सड़क पर जलभराव वहां पर मोहल्ले के लगभग 20 परिवार दूषित पानी पीने को भी मजबूर थे। जानकारी होने पर अमर उजाला ने 9 अप्रैल के अंक में इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया, तब जाकर जल संस्थान के अधिकारियों की नींद टूटी। उन्होंने प्रक्रिया पूरी कर शुक्रवार से काम शुरू करा दिया। सुबह से पहुंचे कर्मचारियों ने सडक़ खोदकर पाइपलाइन सुधारने का काम शुरू कर दिया था। इससे अब शनिवार से लोगों को इस समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है।
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शिकायतों पर नहीं हो रही थी सुनवाई
कुशवाहा मोहल्ले के निवासी प्रदीप सविता, रामनरेश कुशवाहा, निहाल का कहना कि अधिकारियों से शिकायत करके थक चुके थे। कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों ने सुध ली है। अब शुद्ध पानी पीने को मिलने के साथ ही जलभराव से संक्रमण को लेकर बना हुआ डर भी दूर होगा।
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फोटो 03::::कठपुरवा गांव में सबमरसेबिल से पानी भरते ग्रामीण। संवाद
कठपुरवा गांव में पानी की किल्लत
कदौरा। डीएम के निर्देशों के बाद भी ब्लाक के जिम्मेदार उदासीन बने हैं। इस कारण ग्रामीण दूरदराज से पानी भर कर लाने के किए मजबूर हैं। ब्लाक क्षेत्र के ग्राम कठपुरवा में लगभग 30 हैंडपंप है, इनमें पांच हैंडपंप खराब है, जबकि अधिकतर हैंडपंपों में खारा पानी आता है। गांव के सुरेंद्र, सत्यभान आदि का कहना है कि पानी भरने के लिए दूरदराज जाना पड़ता है। प्रधान कविता किरण ने कहा कि तीन स्थानों पर सबमर्सिल लगवाया है। इससे ग्रामीण पानी भर रहे हैं। मशीन को बुलवा कर हैंडपंपो में पाइप डलवाए जा रहे हैं ताकि जल्द निजात मिल सके। (संवाद)