कोटरा। खदान से जर्जर हुई सड़क किसानों के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है। दो दिन पूर्व जाम लगाने पर प्रशासन ने जल्द व्यवस्था सुधार के आश्वासन दिए थे लेकिन हालात जस के तस हैं। बाईपास मोड़ से ग्राम बरसार मार्ग तक लगभग तीन किलोमीटर सड़क तो चलने के लायक भी नहीं बची है।
रोजाना कोटरा, बनौरा,बरसार, सकरीयास् सहित लगभग दो दर्जन गांव के लोग आते जाते हैं। मार्ग पर ही खदान होने के कारण दिन रात मौरंग के भी सैकड़ों ट्रक निकलते हैं। इससे भी रोड का बुरा हाल है। लोगों का पैदल चलना भी दूभर है। हालत यह है कि तीन किलोमीटर कच्ची सड़क धूल का गुबार उडता रहता है। बाइक सवार अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं। इससे नाराज किसानों ने कई बार हंगामा प्रदर्शन भी किया है। दो दिन पहले भी जाम लगाया था। तब एसडीएम सतेंद्र कुमार ने खदान के ठेकेदारों से सड़क पर पानी छिड़कवाने की बात कही थी लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीण राम सुमेर, दीपक, इलियास आदि का कहना है कि अधिकारी आश्वासन देकर भूल जाते हैं। यदि जल्द सड़क नहीं बनी तो फिर से आंदोलन किया जाएगा।