उरई। रेल बजट में यात्रियों को किराया न बढ़ने से राहत मिली है लेकिन दिल्ली और बनारस के लिए सीधी ट्रेन सेवा का लाभ न मिलने से मायूसी मिली है। बजट को लेकर यात्रियों का कहना है कि बजट ठीक है। लेकिन ट्रेनों में सुविधाएं बढ़ाई जाएं। पर्यावरण प्रदूषण रोकने के लिए डीजल चालित इंजनों को बंद करने का फैसला लिया है। वहीं इलेक्ट्रिक इंजनों के लिए साढ़े सात सौ करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। बजट में किराया न बढ़ाए जाने के लेकर लोग खुश है। हालांकि बजट को लेकर रेल कर्मचारियों में निराशा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर कोई भी घोषणा बजट में नहीं हुई है। बजट से कर्मचारी निराश है।
किराया न बढ़ाना अच्छा
अमित पिंडारी का कहना है कि जनवरी में किराया बढ़ा था, उम्मीद लगाई जा रही थी कि बजट में फिर से किराया बढ़ेगा लेकिन सरकार ने किराया न बढ़ाकर हर वर्ग को एक तरह से राहत दे दी है। हालांकि अभी और सुधार चाहिए, सुविधाएं बढ़ जाएं तो और बेहतर होगा।
दोहरीकरण व विद्युतीकरण के लिए बजट
शिवकांत बोले कि ट्रैक के दोहरीकरण लिए भी बजट में 2450 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है। जबकि ट्रैक के नवीनीकरण के लिए 3900 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। जबकि विद्युतीकरण के लिए छह हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। यह अच्छी पहल है।
वाईफाई नेटवर्किंग में हो सुधार
विशाल विश्वारी का कहना है कि स्टेशनों को वाईफाई की सेवा का लाभ 550 स्टेशनों को देने की घोषणा की है। यह अच्छी बात है, लेकिन जिन स्टेशनों पर अभी तक वाईफाई की सेवा है, वहां पर नेटवर्किंग की दिक्कत आती रहती हैं। इसमें सुधार की जरूरत है।
महिला सुरक्षा के लिए भी प्रावधान
सरोज अग्रवाल बोलीं कि महिला सुरक्षा को लेकर रेलवे के लिए 45 हजार करोड़ से अधिक का बजट निर्भया फंड के लिए दिया गया है। यह अच्छी पहल है। लंबी दूरी की ट्रेनों में महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।
बजट से रेलवे कर्मचारी निराश
एनसीआरएमयू के शाखा सचिव केके त्रिपाठी का कहना है कि जिस तरह 150 प्राइवेट ट्रेनों का चलाने का निर्णय लिया है। यह रेलवे के निजीकरण की शुरुआत है। कर्मचारियों के हित में कोई घोषणा नहीं हुई है। इस बजट से हम रेलवे कर्मियों को निराशा ही हाथ लगी है।
अमित- फोटो : ORAI
शशिकांत। - फोटो : ORAI
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