उरई। छात्रा से दुष्कर्म करने वाले रिक्शा चालक को शुक्रवार को कोर्ट ने आजीवन कारावास सुनाया है। पांच साल पुराने मामले में कोर्ट ने दोषी पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इसमें 30 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे।
पांच साल पहले छात्रा से छेड़खानी कर मारपीट सहित दुष्कर्म के मामले में दोष सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहम्मद कमर ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर पचास हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। इसके साथ ही न्यायाधीश ने पीड़िता को तीस हजार रुपये देने का भी आदेश दिया है। घटना के समय आरोपी रिक्शा चलाता था।
शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी पिता ने पुलिस को दो अगस्त 2020 को तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि 31 जुलाई 2020 को वह पत्नी के साथ दुकान पर बैठे थे। इसी दौरान रिक्शा चालक रोहित आया और गालीगलौज करने लगा। समझाने पर युवक उसकी नाबालिग बेटी को गाली देने लगा। उसकी बेटी ने जब समझाने का प्रयास किया तो युवक ने उसके साथ छेड़खानी और मारपीट कर दी।
पुलिस ने छेड़खानी पॉस्को एक्ट सहित मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस ने आरोपी को पकड़ कर जेल भेज दिया था। पुलिस को पीड़ित की पुत्री ने बताया था कि 15 फरवरी 2020 को उसके घर पर माता-पिता नहीं थे। वह दुकान पर थी। इसी दौरान रोहित आया और उसके साथ दुष्कर्म किया था।
रोहित का पहले से दुकान पर आना-जाना था। उसने प्रेम जाम में फंसाकर उसके साथ पहले भी दुष्कर्म किया था। जब वह गर्भवती हो गई तो रोहित ने एक निजी अस्पताल में उसका गर्भपात करा दिया था। पुलिस ने किशोरी का मेडिकल परीक्षण करवाकर कोर्ट में कलम बंद बयान दर्ज कराए थे। इसमें छात्रा ने दुष्कर्म की बाद कही थी। पुलिस ने विवेचना कर दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं की बढ़ोतरी कर आरोप पत्र 16 फरवरी 2021 में पॉक्सो एक्ट कोर्ट में दाखिल किया था। ट्रायल के दौरान वादी व पीड़िता सहित अन्य गवाहों के बयान दर्ज हुए।
गवाह और सबूत के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहम्मद कमर ने आरोपी रोहित को नाबालिग से दुष्कर्म, गर्भपात व मारपीट में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और पचास हजार रुपये जुर्माना लगाया।