उरई। जिला प्रशासन ने 2 मई को होने वाली त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना एजेंट बनने के लिए 48 घंटे पहले की कोरोना निगेटिव रिपोर्ट का आदेश जारी कर दिया। यह खबर जिले में प्रधान, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशियों को मिली है कि बिना कोरोना निगेटिव रिपोर्ट जमा किए कोई भी एजेंट नहीं बन सकता है। सुबह से ही जिला अस्पताल में कोरोना जांच कराने के लिए भीड़ उमड़ी।
चुनाव में मतगणना एजेंट बनने के लिए डर के साए में जिला अस्पताल में एक दूसरे से धक्कामुक्की कर अपने पर्चे जमा किए। जांच को लेकर सैकड़ों लोगों की लंबी कतार लगी रही। फिलहाल कोरोना जांच को लेकर लोग सहमे नजर आये और कई लोगों ने तो एजेंट बनने से ही मना कर दिया। जिला पंचायत सदस्य के एक प्रत्याशी ने बताया कि सरकार को कोरोना की जांच पहले करा लेनी चाहिए थी।
अब समय भी नहीं है और न ही किसी की रिपोर्ट तैयार हो सकती है बल्कि लोगों को जान जोखिम में डालकर अपनी जांच रिपोर्ट बनवाने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन को संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए वैकल्पिक तरीका अपनाना चाहिए।
शिक्षकों ने की मतगणना स्थगित करने की मांग
उरई। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ महेश द्विवेदी सर एवं जिला मंत्री ब्रजेंद्र कुमार अहिरवार ने जिलाधिकारी से मांग की है कि कोरोना महामारी को देखते हुए मतगणना स्थगित की जाए। डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि कोरोना महामारी के चलते मतदान ड्यूटी में कई शिक्षक संक्रमित हो गए और कई की मौत हो गई। ऐसे में संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए मतगणना का काम स्थगित किया जाए। (संवाद)