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छात्र को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने व मारपीट में आठ पर रिपोर्ट

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जानकारी देते हुए आयुष के पिता राजेंद्र बाबू व अन्य परिजन। - फोटो : ORAI
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उरई (जालौन)। इंटर के छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने चार नामजद समेत आठ लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने और मारपीट करने का मामला दर्ज किया। कोतवाल शिवगोपाल सिंह का कहना है कि पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई। आरोपियों के तलाश में दबिशें दी जा रही हैं। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
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बता दें कि शनिवार देर रात रामनगर निवासी इंटर के छात्र आयुष (18) ने घर के कमरे फांसी का फंदा आत्महत्या कर ली। आयुष के पिता राजेंद्र बाबू ने मोहल्ले के ही युवकों पर आरोप लगाया था कि शनिवार रात युवक बोलेरो से उनके घर आए और आयुष से पचास हजार रुपये की रंगदारी मांगने लगे न देने पर मारपीट की और गाड़ी में डालकर ले जाने का प्रयास किया। इलाकाई लोगों की भीड़ एकत्रित होने पर युवक आयुष को पूरे परिवार समेत देख लेने की धमकी देते हुए भाग निकले।
इसके बाद तनाव में आयुष ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि राजेंद्र बाबू के मुताबिक, मोहल्ले के राजकुमार, शशांक, श्रयांश, मानस आदि अक्सर बेटे से रुपयों की मांग कर धमकाते थे। जिसके कारण आयुष पढ़ाई भी नहीं कर पा रहा था। कोतवाल का कहना है कि चारों नामजद आरोपियों के अलावा उनके अज्ञात चार साथियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है। वहीं सूत्रों की मानें तो पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ भी लिया है और दो एक दिन में पूरे मामले का खुलासा भी किया जाएगा।
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ढाबे पर भी हुई थी आयुष से मारपीट
इलाकाई लोगों ने बताया कि करीब एक सप्ताह पूर्व उक्त युवकों ने ही राठ रोड स्थित हाईवे पर खुले ढाबे पर ही आयुष के साथ मारपीट की थी। वहां पर भी आरोपी आयुष से रुपयों की मांग कर रहे थे।
रोज का दस हजार ब्याज देने की धमकी
सूत्रों की मानें तो आयुष ने कुछ दिन पूर्व आरोपियों से 20 हजार रुपये ब्याज पर लिए थे। इसके बदले ही आरोपी ब्याज सहित 50 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। साथ ही एकमुश्त रुपये न देने पर रोजाना 10 हजार रुपये देने की धमकी दे रहे थे।
दौलत ले जाते, बेटा तो छोड़ देते
इकलौते बेटे आयुष की मौत से उसके माता पिता बदहवाश से हो गए हैं। दोनों कभी एक दूसरे को दिलासा देते तो कभी आयुष का नाम लेकर चीख पढ़ते। उनकी हालत देख पास पड़ोस के लोगों की भी आंखें नम हो गईं। नाते रिश्तेदारों का कहना था। रुपये ले लेते कम से कम इकलौते बेटे की जान तो बख्श देते। आयुष के माता पिता अब किसके सहारे जीएंगे।
धनाढ्य वर्ग के लड़कों को फंसाते हैं
इलाकाई लोगों ने बताया कि मोहल्ले में 8-10 लड़कों का एक गैंग है। जो कि पैसे वाले घरों के लड़कों से पहले दोस्ती करता है। फिर उन्हें मनमाने ब्याज पर रुपये उधार देते हैं और वसूली के लिए कभी धमकी तो कभी मारपीट भी करते हैं। आयुष ऐसे ही गैंग का शिकार हुआ है और पुलिस को आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द और कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

आयुष की फाइल फोटो- फोटो : ORAI

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