उरई। अयोध्या मामले में सुप्रीमकोर्ट का फैसला आने के बाद जिले में पूरे तरह से शांति रही। हालांकि मुख्यालय सहित तहसीलों के सभी चौराहों पर भारी पुलिस व प्रशासन का लाव लश्कर मौजूद रहा, जो किसी भी विषम परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार था। वहीं फैसले के बाद सभी धर्मगुरुओं व अन्य सामाजिक लोगों ने इस फैसलों को सहजता से स्वीकार करने की अपील कर शांति व सद्भाव बनाए रखने की बात कही।
फैसले में तर्क की कोई गुंजाइश नहीं
मुहम्मदाबाद के हाजी नियामत उल्ला ईदगाह कमेटी अध्यक्ष का कहना है कि कोर्ट का फैसला सभी को स्वीकार करना चाहिए, देश की सर्वोच्च अदालत ने इतना महत्वपूर्ण फैसला दिया है अब इसमें तर्क व कुर्तक की कोई गुंजाइश नहीं रह जाती। सभी धर्म के लोग इस फैसले को हार जीत से न जोड़ते हुए आपसी सद्भाव से देखें और आपस में भाईचारे की मिसाल कायम रखें।
कोर्ट का फैसला स्वागत योग्य
जिले के प्रसिद्ध मंदिर ठडे़श्वरी मंदिर के श्री श्री 108 महंत सिद्धराम दास का कहना है कि कोर्ट का फैसला स्वागत योग्य है। कोर्ट के इस फैसले ने कई वर्षों के वनवास को खत्म किया है। सभी को इसका सम्मान करना चाहिए। सभी संतों की सरकार से यही अपील है कि जल्द कमेटी का गठन कर भव्य राम मंदिर निर्माण को शुरू कराना चाहिए।
खत्म हुआ राजनीतिक मुद्दा
हाफिज इरशाद अशरफी इमाम बड़ी मस्जिद का कहना है कि कई सालों से जो एक बड़ा विवाद चल रहा था जिसे उछाल कर हर चुनाव में राजनीति का खेल खेला जाता रहा अब उसे हमेशा के लिए सुप्रीम कोर्ट ने खत्म कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हुए सभी से अपील है कि मुल्क की तरक्की पर ध्यान दें।
फैसले के बाद बढ़ेगा भाईचारा
मौलाना मुफ्ती तारिक बरकाती प्रिंसिपल दारुल उलूम गोसिया मजीदीया का कहना है कि कई वर्षों से अयोध्या के मसले को लेकर के लोग परेशान नजर आ रहे थे और इस मुद्दे को राजनीतिक लोग फायदे पर इस्तेमाल कर रहे थे। फैसला आने के बाद लोगों में भाईचारा बढ़ेगा।
अमन पसंद लोगों की नगरी है कालपी
जमुनादास जी महाराज महंत वनखंडी देवी शक्तिपीठ का कहना है कि अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सभी को स्वागत करना चाहिए। कहा कि सभी लोगों से अपील है, कि नगर में सब लोग मिलजुल कर रहें व नगर की एकता को कायम रखें। वैसे भी कालपी अमन पसंद लोगों की नगरी रही है।
मौलाना तारिक- फोटो : ORAI
महंत जमुनादास- फोटो : ORAI
हाजी नियामत उल्ला- फोटो : ORAI
हात सिद्ध रामदास- फोटो : ORAI