शादी में मामा के यहां आई एक युवती को कमरे में बंद कर नशीला पदार्थ खिलाकर उससे रेप व उसका एमएमएस बनाकर सोशल साइट पर अपलोड करने के आरोपी ममेरे भाई पर दोष सिद्ध हो जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार तृतीय ने 10 साल के सश्रम कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न क रने पर एक साल की अतिरिक्त
सजा भुगतनी पड़ेगी। छतरपुर एमपी निवासी एक पिता ने जालौन कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि वह अपनी पत्नी व 18 वर्षीय बेटी के साथ रिश्तेदार लखन कुशवाहा निवासी छानी जालौन के यहां 20 अप्रैल 2013 को आया था। शादी समारोह के दौरान लखन के पुत्र नीलू कुशवाहा ने उसकी बेटी को कमरे में बुलाया और वहां उसे नशीली कोल्डड्रिंक
पिलाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद नीलू ने उसके साथ रेप किया और इस दौरान अश्लील एमएमएस बनाकर उसे सोशल साइट पर अपलोड कर दिया। जब बेटी को होश आया तो उसने मां को घटना की जानकारी दी। उसने पूरी बात उसे (पिता) को बताई तो वह कोतवाली जालौन गया लेकिन वहां उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई तो वह तत्कालीन एसपी राकेश शंकर से
मिला और पूरी घटना बताई। एसपी के आदेश पर आरोपी नीलू कुशवाहा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। जालौन पुलिस ने मामले में आरोप पत्र दाखिल कर अदालत में भेज दिया। इस मामले की सुनवाई अपरसत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार की अदालत में चल रहा था। बुधवार को तमाम गवाहों व सबूताें के आधार पर आरोपी नीलू कुशवाहा पर दोष सिद्ध हो जाने पर
जज ने उसे 10 साल का सश्रम कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। शासन की ओर से पैरवी शासकीय अधिवक्ता भगवती प्रसाद तिवारी ने की।