कोंच। रामलला मंदिर में चल रहे झूला महोत्सव में गुरुवार रात कलाकारों ने अपने भजनों और झूलों से श्रोता समुदाय को आनंदित किया। सौम्या त्रिपाठी ने झूला पड़े हैं सरयू तीर झूलें रामलला रघुवीर... गीत गाया।
कार्यक्रम मंदिर के मुख्य महंत रघुनाथ दास के निर्देशन एवं हाल ही में महंत घोषित किए गए पुजारी गोविंददास की देखरेख में चल रहा है। अवकाश प्राप्त संगीत शिक्षक ग्यासीलाल याज्ञिक ने अपनी जोरदार प्रस्तुति मुख मोड़ मोड़ मुस्काए जात देकर श्रोताओं की तालियां बटोरीं। अंशिका त्रिपाठी ने गाया रामा रामा रटते रटते बीती रे उमरिया। हनी सोनी ने अपनी भावप्रवण प्रस्तुति देते हुए गाया ओ पालनहारे, तुम्हरे बिन हमरा कोऊ नाहीं। अपूर्व याज्ञिक ने राग यमन में मोरी गगरी न भरन देत गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मेवालाल वर्मा ने सुनाया पल दो पल में क्या हो जाए पता नहीं तकदीर का। गोपालजी शर्मा ने सुनाया प्रार्थना यही है मेरे हनुमान जी। अंजली समाधिया, नित्तू ठाकुर, सृष्टि वर्मा, प्रगति कुशवाहा, रिया कुशवाहा आदि की प्रस्तुतियां सराही गईं। संचालन वीरेंद्र त्रिपाठी ने किया।