उरई। रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) मोहम्मद लतीफ खान ने बुधवार को पिरौना से नंदखास तक के 32 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का मोटर ट्राली से निरीक्षण किया। यह दूरी उन्होंने 26 मिनट में पूरी की। ट्रैक पर मालगाड़ियों के संचालन की अनुमति दी। उधर, निरीक्षण के समय रेलवे ट्रैक पर काम चलता देख सीआरएस ने नाराजगी जाहिर की।
स्पेशल ट्रेन से सुबह 9.30 बजे पिरौना पहुंचे सीआरएस ने सबसे पहले पिरौना स्टेशन का निरीक्षण किया। इसके बाद मोटर ट्राली से पिरौना से नंदखास रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। उनके साथ मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) शरद मेहता और डीआरएम झांसी आशुतोष व डिप्टी सीआरएस वीएस यादव भी रहे। उन्होंने रेलवे ट्रैक, पुल पुलिया, सिग्नल प्वाइंट आदि देखे। इसके अलावा टर्निंग प्वाइंट पर रुककर बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद एरच रोड, मोंठ स्टेशन का भी निरीक्षण किया। नंदखास पहुंचकर स्पीड ट्रेन से इस ट्रैक का स्पीड ट्रायल भी किया। 32 किलोमीटर ट्रैक का 120 किलोमीटर की रफ्तार से स्पीड ट्रायल किया। जो 26 मिनट में पूरा किया। ट्रेन शाम 6.40 बजे नंदखास से रवाना हुई और 7.06 बजे पिरौना स्टेशन पर पहुंची। सीआरएस ने ट्रैक की गुणवत्ता की ठीक माना और फिलहाल इस ट्रैक से मालगाड़ियों के संचालन की अनुमति दी। इस दौरान रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के अधिशासी निदेशक अनुराग गुप्ता, मुख्य परियोजना प्रबंधक केके तलरेजा, मुख्य सिग्नल अभियंता नीरज यादव, मुख्य अभियंता ट्रैक मशीन राजेश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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137 किलोमीटर ट्रैक का काम पूरा हुआ
डीआरएम आशुतोष ने बताया कि इस ट्रैक के 32 किलोमीटर का काम भी पूरा हो गया है। अब कुल मिलाकर झांसी से उसरगांव तक 137 किलोमीटर रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ का काम पूरा हो गया है। इसका लाभ यात्रियों को मिलने लगेगा। उन्होंने बताया कि अब उसरगांव से कालपी ट्रैक के काम तेजी से कराया जाएगा। इस ट्रैक के दोहरीकरण का काम रेलवे बोर्ड की प्राथमिकता में है। लिहाजा जून 2022 तक इस झांसी कानपुर रेलवे मार्ग के दोहरीकरण का काम पूरा हो जाएगा।