उरई। पूर्व विधायक के स्कूल के कर्मचारी जितेंद्र अहिरवार की हत्या मामले में कांग्रेस के पूर्व विधायक व उनके पौत्र की तलाश में पुलिस ने शनिवार की रात लखनऊ और झांसी में कई जगह दबिश दी। इस मामले में अब तक बसपा के पूर्व विधायक सहित चार लोगों को गिरफ्तारी हो चुकी है।
कोतवाली क्षेत्र के घमूरी गांव निवासी जितेंद्र अहिरवार का लहूलुहान हालत में शव नौ अगस्त को कार सवार सीएचसी में छोड़कर भाग गए थे। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने पूर्व विधायकों पर हत्या का आरोप लगाकर हंगामा किया था। जितेंद्र के पुत्र नितिन ने कांग्रेस के पूर्व विधायक रामप्रसाद, उनके पुत्र व बसपा के पूर्व विधायक अजय सिंह पंकज व उनके दोनों बेटे अमन उर्फ मिक्की, राजा व अमित समेत एक अज्ञात पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इस मामले में अजय सिंह उनके पुत्र अमन उर्फ मिक्की, उसका साथी गोविंद व सलीम अहमद जेल भेज जा चुके हैं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि जितेंद्र राम प्रसाद का कारखास हो गया था। वह अपने बेटे व पौत्र की बात न मानकर जितेंद्र पर आंख बंद कर विश्वास करते थे। वह लगातार अमन की झूठी शिकायत राम प्रसाद से कर रहा था। इसी के चलते उसे बुलाकर इतना मारा की उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद से पूर्व कांग्रेस विधायक राम प्रसाद अहिरवार उनका पौत्र राजा व साथी अमित फरार चल रहे हैं। पुलिस ने उनके घर पर दबिश दी, लेकिन पता नहीं चला। शनिवार को पुलिस ने लखनऊ व झांसी में उनके ठिकानों पर छापा मारा। एएसपी प्रदीप कुमार वर्मा का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। न्यायालय से वारंट जारी कराए जा रहे हैं। जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।