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बिजली तार गिरोह के सरगना को ढाई साल की कैद

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उरई। बिजली तार चोर गिरोह के सरगना पर दोष साबित होने पर अपर सत्र न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट अनिल यादव ने ढाई साल की कैद और छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र में 2002 का है।
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शासकीय अधिवक्ता ह्देश पांडेय ने बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के मड़ोरा से मिनौरा तक साढ़े चार किलोमीटर बिजली का तार चोरी होने की छह जून 2002 को मिली थी। इस मामले में 9 जून 2002 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। तत्कालीन शहर कोतवाल डीडीएस राठौर ने बिजली चोर गिरोह के सरगना धर्मेेंद्र सिंह पुत्र रामगोपाल निवासी तीतरा खलीलपुर कोतवाली कोंच, भगवान सिंह पुत्र धनसिंह निवासी खरुसा थाना एट के खिलाफ 2 जुलाई 2002 को एफआईआर दर्ज कराई थी। 2 नवंबर 2002 को चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई थी।
मामले की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता ह्देश पांडेय ने बताया कि ट्रायल के दौरान भगवान सिंह की मौत हो गई। जबकि गैंग सरगना धर्मेँद्र सिंह पर दोष साबित होने पर बुधवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट अनिल यादव ने ढाई साल की कैद और छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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