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व्यक्तिगत पेशी पर रोक, वीडियो कांफ्रेसिंग से होंगी सुनवाई र

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ोर्ट सभागार में वार्ता करते जिला जज व अन्य न्यायाधीश - फोटो : ORAI
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उरई। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर विचाराधीन बंदियों की कोर्ट में व्यक्तिगत पेशी पर रोक लगा दी गई है। बंदियों के रिमांड आदि न्यायिक कार्य वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही 21 मार्च तक किए जाएंगे। यह जानकारी गुरुवार को जिला जज अशोक कुमार सिंह ने न्यायालय सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि इसके लिए डीएम, एसपी, कारागार अधीक्षक और न्यायिक अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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उन्होंने कहा कि रिमांड आदि कार्यों में वीडियो कांफ्रेंसिंग सेवा के कनेक्शन बाधित होने पर एनआईसी मुख्यालय का उपयोग किया जाएगा। रिमांड का काम एडीजे गुलाम मुस्तफा द्वारा करेंगे। न्यायालय की कैंटीन बंद कर दी गई है। चार से अधिक व्यक्तियों की कोर्ट परिसर में एकत्रित न होने को कहा गया है। कोर्ट के आसपास सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए नगर पालिका और कोर्ट के कर्मचारियों को लगाया गया है। हाथ धोने की लिए कोर्ट में स्थान चिह्नित कर दिए गए हैं। शुक्रवार से कोर्ट परिसर में केवल एक गेट से इंट्री दी जाएगी। कोर्ट के बाहर अवैध पार्किंग को हटवाने व जिले में अवैध रुप से संचालित गुटका फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस प्रशासन को दिशा निर्देश दिए गए हैं।
अपर जिला जज अमित पाल सिंह ने कहा कि वादकारियों और अभियुक्तों को विशेष परिस्थितियों में ही कोर्ट परिसर बुलाए। कोर्ट न आने पर किसी के खिलाफ प्रतिकूल आदेश पारित नहीं किया जाएगा। एडीजे प्रकाश तिवारी ने कहा कि हर व्यक्ति का जीवन महत्वपूर्ण है। ऐसे में जिला स्तर पर हाईकोर्ट के निर्देश पर कई सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। इस दौरान एडीजे अनिल कुमार यादव, विवेक कुमार सिंह, प्रशांत कुमार आदि न्यायिक अधिकारियों के अलावा अश्वनी मिश्रा, दीपक तिवारी, करन सिंह मौजूद रहे।
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