जिला कारागार के बाहर तैनात सिपाही।
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जिला कारागार फर्रुखाबाद में कैदियाें के उत्पात की सूचना मिलते ही यहां का जेल प्रशासन भी अलर्ट हो गया। जेल प्रशासन ने कैदियाें से मिलाई करने वाले लोगों को सघन तलाशी के बाद मिलने दिया। स्थानीय प्रशासन मुस्तैद रहा। किसी भी तरह की अराजकता से निपटने के लिए कोतवाली पुलिस भी चौकी पर मुस्तैद रही।
यहां की जेल में भी विवाद हो चुका है। वर्ष 2007 में बंदी रक्षकाें और कैदियाें के गुटाें के बीच विवाद हो गया था। गाजीपुर के शार्प शूटर प्रिंस अहमद ने तत्कालीन डिप्टी जेलर सुनीलदत्त मिश्रा पर जेल में बम से हमलाकर घायल कर दिया था।
इसके बाद जेल में आगजनी हुई और बंदियाें के दो पक्षाें में मारपीट के बाद प्रिंस अहमद और उसके साथी नाजिर निवासी औंता थाना चुर्खी की हत्या कर दी गई थी। मारपीट में करीब दो दर्जन से अधिक बंदी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसी के मद्देनजर प्रशासन ने फर्रुखाबाद में जेल में वबाल के बाद स्थानीय जेल की भी सुरक्षा बढ़ा दी है।