जहां जनपद का प्रशासन मतदान कराने के लिए पूरी तरह से सतर्क था तो वहीं
दूसरी ओर विकास खंड रामपुरा के मतदान केंद्र बहराई पर तैनात पीठासीन
अधिकारी और मतदाताओं के बीच तनातनी रही। मतदाताओं का आरोप था कि पीठासीन
अधिकारी उन्हें मतदान नहीं करने दे रहे थे। इस बात को लेकर पीठासीन अधिकारी
और मतदाताओं के बीच तू, तू, मैं, मैं भी हुईं। बहराई
मतदान केंद्र पर
अव्यवस्थाओं का दौर सुबह से ही चल रहा था। आरोप है कि पीठासीन अधिकारी
राधेश्याम एक प्रत्याशी की मदद कर रहे थे। इसको लेकर कुछ मतदाताओं को
परेशान किया जा रहा था। इस पर कई बार पीठासीन अधिकारी से ग्रामीणों की
नोकझोंक हुई। तीन बजे मतदाताओं का सब्र टूट गया और पीठासीन अधिकारी पर
आरोपों की झड़ी लगा दी। मामला
बिगड़ता, इसके पूर्व थानाध्यक्ष कैलिया
प्रमोद कुमार मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणो की बात समझने के बाद उन्होंने
अधिकारी से कहा कि आपकी नीति व सोच गलत है। इसके बाद पीठासीन अधिकारी ने
लोगों को मतदान करने दिया। पीठासीन
अधिकारी पर एक प्रत्याशी से मिलीभगत का
आरोप ग्रामीणों ने चिल्ला चिल्ला कर कराया। इस बारे में पीठासीन अधिकारी से
जब बात की गई तो उन्होने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार एवं असत्य बताया।