शाम चार बजे अचानक आसमान पर काले बादल छा गए और देखते ही देखते जोर की आंधी चलने लगी। आंधी से बिजली के कई पोल तार समेत जमीन पर धराशायी हो गए। इससे हादसा होते-होते बचा। कई जगहों पर पेड़ टूटने से यातायात अवरुद्ध हो गया। करीब 30 मिनट की आंधी, बारिश से पूरे जिले की बिजली आपूर्ति ध्वस्त हो गई। देर रात तक शहर के कई इलाकों और पांच दर्जन से अधिक ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप्प रही। अधिशासी अभियंता रमेश चंद्रा का कहना है कि विभाग की पांच टीमें लगाई गई हैं। प्रयास किया जा रहा है कि देर रात तक आपूर्ति सामान्य हो जाए।
सुबह से ही सूरज आग उगल रहा था। तापमान 46 का आंकड़ा भी पार कर रहा था। शाम चार बजे के आसपास अचानक काले बादलों के साथ तेज हवाएं चलने लगी। देखते ही देखते आंधी ने पूरे जिले को चपेट में ले लिया। आंधी के साथ बारिश और कहीं, कहीं पर ओले भी गिरे। इस आंधी, पानी में शहर स्थित राजमार्ग पर बैंक के ठीक सामने पेड़ हाईटेंशन लाइन पर टूटकर गिरा और कुछ ही क्षण में तार और पोल समेत पेड़ सड़क केे बीच में था। पेड़ के नीचे आने से राहगीर बाल-बाल बचे। फिर भी दो लोगों को मामूली चोटेें आईं हैं। पेड़ केे नीचे दबकर चाय, पान की गुमटियां ध्वस्त हो गईं।
इसी तरह इंद्रा नगर, राजेंद्र नगर, रामनगर, डिग्गी ताल, जेल रोड, बल्दाऊ चौक, घंटाघर आदि इलाकों मेें भी आंधी से दुकानों की टीनशेड और बोर्ड हवा मेें उड़ते नजर आए। राजमार्ग पर पेड़ गिरने से देर रात तक घंटाघर व राजेंद्र नगर फीडर ठप्प रहे। इससे स्टेशन रोड, मुख्य बाजार, राजेेंद्र नगर व बंबी रोड की आपूर्ति ठप्प रही। इसी तरह जेल रोड फीडर और राहगीर फीडर भी ठप्प होने से कई इलाकों में अंधेरा छाया रहा। झांसी रोड स्थित दूध डेयरी की टीनशेड उखड़ गई। इसके नीचे जानवर और कर्मचारी दब गए, जिन्हें बाहरी मुश्किल से बाहर निकाला गया।
गांवों में भी उखडे़ खंभे, टूटे पेड़
कोंच प्रतिनिधि के मुताबिक समूची तहसील में जगह, जगह करीब बीस बिजली के खंभे आंधी में उखड़ गए। इससे करीब डेढ़ दर्जन गांवों की बिजली आपूर्ति रात तक प्रभावित रही। अधिकारियों का कहना है कि आपूर्ति सामान्य होने में दस से बारह घंटे का समय लग सकता है। इसी तरह जालौन में भी आंधी, पानी से जगह, जगह पेड़ गिरने से यातायात व्यवस्था ठप हो गई। पेड़ केे कारण तार भी टूटे। इससे दर्जन भर गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। कालपी और माधौगढ़ क्षेत्र में भी आंधी, पानी के चलते कस्बे और ग्रामीण इलाकों की बिजली आपूर्ति देर रात तक ठप रही। दोनों जगह मिलाकर दो दर्जन गांवों में बिजली व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित रही।
गाज गिरने से अधेड़ की मौत
आटा थाना क्षेत्र के परासन गांव में बकरी चरा रहे 50 वर्षीय नाथू पाल पर आंधी, पानी के दौरान बिजली गिर गई। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। नाथू केे अलावा पांच बकरियां भी आकाशीय बिजली की चपेट में आकर मर गई।