उरई। इंदौर से पटना जाने वाली इंदौर-पटना एक्सप्रेस में दंपती का बैग चोरी हो गया। इसमें 1.10 लाख रुपये की नकदी और मोबाइल चोरी हो गई। बदमाश कागजात ट्रेन के बाथरूम में फेंककर भाग गए।
मामला सोमवार की रात का है। दरभंगा निवासी शर्मीली (35) पिता अवधेश (40) के साथ उज्जैन महाकाल दर्शन के लिए इंदौर-पटना एक्सप्रेस के एसी कोच नंबर ए-2 में यात्रा कर रहे थीं। ट्रेन करीब चार घंटे विलंब से चल रही थी। शर्मीली के मुताबिक, कानपुर से जब ट्रेन उरई के लिए रवाना हुई तो उनकी आंख खुली तो देखा कि हैंडबैग गायब है। उन्होंने शोरगुल मचाया तो यात्री व कंडक्टर मौके पर पहुंचे। छानबीन करने पर बैग ट्रेन के बाथरूम में मिल गया। इसमें उनके आधारकार्ड और अन्य कागजात के अलावा कान के बाले मिल गए, जबकि एक बैग जिसमें मोबाइल और रुपये थे, वह गायब था। मंगलवार को सुबह सात बजे ट्रेन उरई पहुंची। महिला ने एस्कार्ट कर रहे सिपाहियों को तहरीर दी। उरई जीआरपी ने मामला दर्ज कर लिया है। जीआरपी इंस्पेक्टर आरके सिंह का कहना है कि मामला उरई में दर्ज किया गया है लेकिन घटनास्थल कानपुर का है। लिहाजा रिपोर्ट कानपुर ट्रांसफर की जा रही है। बता दें कि इंदौर पटना एक्सप्रेस में आए दिन चोरी की वारदातें होती रहती है।
-----------------
सिपाही बेवजह जीआरपी थाने में न बैठे
उरई। जीआरपी झांसी के क्षेत्राधिकारी डॉ. नईम मंसूरी ने मंगलवार को जीआरपी उरई थाने का निरीक्षण किया। उन्होंने लंबित विवेचनाओं के बारे में समीक्षा की। बरामद माल के निस्तारण के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस समय यात्रियों का सीजन चल रहा है और ट्रेनों में भीड़भाड़ अधिक है। लिहाजा पूरी जिम्मेदारी से काम करें। निगरानी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यात्री सुरक्षा के लिए रात में गुजरने वाली ट्रेनों में अतिरिक्त एस्कार्ट की व्यवस्था की जा रही है। अपराध रोकने के लिए कुछ जवानों को साधारण कपड़ों में भी तैनात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रेनों में हुई लूट और चोरी की घटनाओं का जल्द खुलासे के लिए टीमें बनाई गई है। सिपाही बेवजह थानों में न बैठे। जिसकी जहां ड्यूटी लगाई गई है, वह वहां मुस्तैदी से काम करें। इंदौर पटना एक्सप्रेस में कई बार चोरी की हुई घटनाओं को लेकर कहा कि अब इंदौर पटना ट्रेन की मॉनीटरिंग ट्रेन छूटने के साथ ही शुरू कर दी जाएगी।
-----------------
फोटो-31-कोर्ट के आदेश पर बरामद माल का निस्तारण कराते अधिकारी। संवाद
बरामद माल का थाने में कराया निस्तारण
उरई। जीआरपी थाने में लंबित पड़े सामान का मंगलवार को मजिस्ट्रेट की देखरेख में निस्तारण किया गया। कोर्ट के आदेश पर जीआरपी में सात पोस्टमार्टम पोटली, छह मादक पदार्थों की बरामदगी का सामान था। इस प्रकार कुल 13 सामानों का निस्तारण किया गया। इस दौरान अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सौरभ कुमार पांडेय, एसडीएम रामकुमार, जीआरपी सीओ डॉ नईम मंसूरी की मौजूदगी में सामानों को जलाया गया। इस दौरान जीआरपी उरई के इंस्पेक्टर आरके सिंह व भीमसेन इंस्पेक्टर विवेक तिवारी, डॉ हरिमोहन पुरवार आदि मौजूद रहे। (संवाद)
--------
फोटो-32-उरई रेलवे स्टेशन पर रैंप के लिए गर्डर रखती क्रेन मशीन। संवाद
बुजुर्ग और दिव्यांगों को मिलेगी राहत
उरई। दिव्यांग और बुजुर्गों को एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म तक जाने के लिए अब सहूलियत होगी। करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रैंप पर गर्डर रखे गए। इस रैंप की लंबे अरसे से मांग की जा रही थी।
रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण के काम में लगी रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) रैंप का काम अधूरा छोड़कर चली गई थी। इसकी वजह से दिव्यांगों और बुजुर्गों को एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए दिक्कत होती थी। इस समस्या को लेकर एनसीआर जोन के महाप्रबंधक प्रमोद कुमार ने भी नाराजगी जताते हुए जल्द रैंप बनाने के निर्देश दिए थे। इस पर आरवीएनएल के अधिकारियों ने दोबार काम शुरू कराया है। करीब ढाई करोड़ की लागत से रैंप पर गर्डर रखे गए। पहले दिन सरकुलेटिंग एरिया में काम किया गया। आईओडब्लू विवेक दुबे का कहना है कि रैंप का काम 15 दिन में पूरा हो जाएगा। इसके बाद यात्रियों को काफी सहूलियत होगी।