सिकंदरा में पुलिस से नोंकझोंक करते सपाई।
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उरई। सपा मुखिया अखिलेश यादव के आह्वान पर की अगुवाई में औरैया जा रहे सपाइयों को सिकंदरा के पास पुलिस ने रोक लिया। इस पर पूर्व जिलाध्यक्ष व पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई। पुलिस ने सभी सपाइयों को करीब तीन घंटे तक बीच रास्ते में हिरासत में रखकर फिर छोड़ दिया। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते सपाइयों ने प्रदेश सरकार पर सपाइयों के उत्पीड़न का आरोप लगाया है। दूसरी ओर जिले के सपा नेताओं ने भी डीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा है।
औरैया जिला पंचायत अध्यक्ष के उपचुनाव के लिए बुधवार को नामांकन के दौरान बवाल हो गया था। इस मामले में पुलिस ने सपा के पूर्व सांसद को हिरासत में ले लिया था। इसके विरोध में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सपाइयों से औरैया पहुंचने का आह्वान किया था। इस पर जिले के सपाई पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी धीरेंद्र यादव की अगुवाई में पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र मौखरी, पूर्व जिला महासचिव प्रलुव्य निरंजन, सभासद राघव गुर्जर, पूर्व नगर अध्यक्ष गुफरान, अहमद सिद्दीकी, सारिक मुखिया, जितेंद्र यादव, शिवम गुर्जर, राहुल यादव आदि औरैया जा रहे थे। सिकंदरा में शंकरपुर चौकी के पास पुलिस ने सपाइयों की गाड़ियां रोक ली। इस पर सपाइयों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पूर्व जिलाध्यक्ष से सिपाहियों और दरोगा से धक्का मुक्की भी हो गई। हंगामे के चलते अन्य थानों की फोर्स बुला ली गई। पुलिस ने सभी सपाइयों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, करीब तीन घंटे बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
एफआईआर वापस लेने की मांग
सपाइयों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को जिलाधिकारी नरेंद्र संकर पांडे को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन दिया। इसमें औरेया में सपा नेताओं पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की गई है। इसके अलावा गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में मृत बच्चों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये मुआवजे देने की मांग भी की गई है। ज्ञापन देने वालों में इंद्रजीत सिंह यादव, मधू श्रीवास्तव, राजीव शर्मा, शिवराम कुशवाह, भानू राजपूत शामिल रहे। कालपी में विधानसभा क्षेत्र के पूर्व अध्यक्ष शिवबालक सिंह, अरविंद यादव, अशोक गोस्वामी ने भी एसडीएम को ज्ञापन देकर एफआईआर वापस लेने की मांग की।