डॉग स्क्वायड टीम के साथ खड़े एसपी व अधिकारी
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जिले में वारदातों के खुलासे के लिए शासन से डाग स्क्वायड भेजा गया है। इसकी मदद से पुलिस लूट, हत्या, डकैती जैसे गंभीर वारदातों को अंजाम देने वाले अपराधियों का पता लगाएगी।
अभी तक जनपद में कोई वारदात होने पर झांसी से खोजी कुत्ते को बुलाया जाता था। इससे समय तो लगता ही था बल्कि उसके आते आते काफी साक्ष्य भी घटनास्थल से खत्म हो जाते थे। एसपी डॉ सतीश कुमार ने बताया कि डॉ. स्क्वायड की मदद से अब गंभीर वारदातों के खुलासे में काफी मदद मिलेगी।
अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. अवधेश सिंह ने बताया कि बुधवार को हरियाणा के पंचकुला स्थित एटीबीपी से ट्रेनिंग प्राप्त कर डीओलॉडी नाम का खोजी कुत्ता जनपद के पुलिस लाइन पहुंचा है।
इसे लखनऊ से कांस्टेबल सुशील सिंह लेकर जिले में आए है। खोजी कुत्ता काफी ट्रेंड है, जल्द ही उसे कुछ और ट्रेनिंग देकर पूरी तरह से एक्सपर्ट किया जाएगा। इसके लिए विशेष ट्रेनर को भी बुलाने पर विचार किया जा रहा है।
बीते मामले जैसे उरई कोतवाली में हुई बैंक डकैती, कोंच व जालौन में हत्या व रामपुरा में पड़ी डकैती के वक्त खोजी कुत्ते की तत्काल आवश्यकता होने पर झांसी से संपर्क किया गया था, जहां से उसे आने में काफी समय भी लगा था। उसी वक्त से जिले में डॉग स्क्वायड की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।