उरई स्टेशन यार्ड का निरीक्षण करते आरवीएनएल के कार्यकारी निदेशक अनुराग गुप्ता।
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उरई। रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के कार्यकारी निदेशक (एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर) अनुराग गुप्ता ने मंगलवार को झांसी कानपुर रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण के काम का निरीक्षण किया। उन्होंने उरई यार्ड के निरीक्षण में मिट्टी की गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यार्ड में जो भी मिट्टी का भराव हो, वह पीली मिट्टी का ही हो, क्योंकि काली मिट्टी या कचरा से धंसने का खतरा रहता है। उन्होंने दिल्ली की तर्ज पर प्लेटफार्म और वाटरबूथ बनाने के निर्देश दिए।
कार्यकारी निदेशक ने सबसे पहले जल निकासी का इंतजाम देखा। इस पर उन्होंने अधिकारियों से बातचीत की और निर्देशित किया कि जलभराव किसी भी दशा में न होना चाहिए, क्योंकि यह ट्रेन संचालन में में खतरा पैदा करता है। उन्होंने प्लेटफार्म पर बनने वाले वाटरबूथ दिल्ली की तर्ज पर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्लेटफार्म भी इस तरह बनाने को कहा ताकि उन पर फिसलन न हो। बारिश में मालगोदाम में आने वाले सामान न भीगे, इसके लिए प्लेटफार्म पूरी तरह कवर्ड करने को कहा। उन्होंने कहा कि रेलवे अपनी जगह का सीमांकन कर लें ताकि जगह पर कब्जा न हो सके।
उन्होंने प्लेटफार्म पर लगने वाले शैड की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा ताकि आंधी में शैड सुरक्षित रहे। उन्होंने यार्ड में रखे सामान देखकर नाराजगी जताई और कहा कि जो भी काम पूरा हो चुका है, वहां से सामान हटा दें जिससे सुरक्षित काम हो सके। इस दौरान मोहल्ले के लोगों की शिकायत पर उन्होंने फुटओवरब्रिज का निर्माण जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। कहा कि लोगों को लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। इस दौरान मुख्य परियोजना प्रबंधक केके तलरेजा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रियांक गुप्ता, सीनियर डीजीएम एसके गोयल, केपी स्वर्णकार आदि अधिकारी मौजूद रहे। इसके पहले मलासा, पुखरायां व आटा स्टेशन का भी निरीक्षण किया।
आरवीएनएल के कार्यकारी निदेशक अनुराग गुप्ता ने पत्रकारों को बताया कि दोहरीकरण का काम तेजी से जारी है। कुछ बजट संबंधी समस्या आ रही है। रेलवे बोर्ड से बजट धीरे-धीरे मिल रहा है। उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक उरई यार्ड का काम पूरा हो जाएगा और झांसी से उसरगांव तक मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) का भी निरीक्षण कराकर ट्रेन संचालन शुरू कर दिया जाएगा।