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श्रद्धा से मनाया गया नागपंचमी का पर्व

Sun, 07 Aug 2016 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
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उरई के कोंच रोड स्थित नागराज मंदिर पर नागदेव की बांबी पर पूजा अर्चना करते भक्तगण । - फोटो : अमर उजाला
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नागपंचमी शहर में बड़े ही धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर भक्तों ने नाग देवता की पूजा अर्चना कर उन्हें दूध पिलाया। घरों के बाहर नाग देवता की आकृति बनाई गई। दिन भर शिव मंदिरों में भी भक्तों की भीड़ लगी रही। हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार श्रावण मास की शुक्ल पंचमी को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। यह नागों की पूजा का पर्व है। पौराणिक कथाओं में
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भी नागों और मनुष्य का संबंध झलकता रहा है। हिंदू धर्म में नाग को देवता माना गया है। रविवार को नागपंचमी पर भक्तों ने उपवास रखा और नाग की पूजा अर्चना की। महिलाओं ने नाग पूजन के लिए घरों के बाहर गोबर, गेरूआ, पिसे हुए चावल व हल्दी के लेप से नाग देवता की आकृति बनाकर पूजा की। इसके अलावा कई भक्तों ने गंध, पुष्प, कच्चा दूध, खीर, भीगे

चने, लावा आदि से नागपूजा की और सर्पदर्शन किया। इसके अलावा शिव मंदिरों पर भी भक्तों की अपार भीड़ देखने को मिली। कोंच रोड स्थित नागराज मंदिर पर सुबह से ही भकतों का जमावड़ा रहा। श्रृद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर नागराज महाराज पर पूजा अर्चना की। इस दौरान आयोजक कमेटी के रूप नारायण चच्चू, ओमकार दास महेश्वरी, भगवान सिंह, हरी प्रकाश
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तिवारी पूजन आदि की व्यवस्थाएं संभाले रहे। भक्तों ने मंदिर में बनीं नागों की बांबी पर दूध चढ़ाया। इसके अलावा हुल्की माता मंदिर, सिद्ध महाकालेश्वर मंदिर, ठड़ेश्वरी मंदिर स्थित शिवालयों में भी भक्ततों की भीड़ रही। कोंच संवाददाता के अनुसार नागपंचमी नगर में भी धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर महिलाओं ने भारी संख्या में नागमंदिरों और बांबियों पर

जाकर नाग देवता का पूजन किया और मन्नत मांगी कि कभी उनकी अकाल मृत्यु न हो। सड़कों गलियों में घूमते नाथों ने लोगों को नाग दर्शन कराये और दक्षिणा प्राप्त की, महिलाओं ने नागों को दुग्धपान कराया। महंतनगर स्थित नाग मंदिर में आज सबेरे से ही नाग पूजा के लिये महिलाओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था।

दंगल व मेले का हुआ आयोजन
नागपंचमी केे अवसर पर नगर में नागपंचमी का पर्व मनाया गया। इस मौकेे पर मेला व विशाल दंगल का लंका मीनार परिसर में आयोजन किया गया। मेले में बड़ी संख्या में लोगों व बच्चों की भीड़ उमड़ी। लंका मीनार ग्राउंड में मेले व दंगल का उदघाटन पालिकाध्यक्ष कमर अहमद ने फीता काटकर किया। दंगल में पहली कुश्ती भीम कुमार पनकी व सहनूर उन्नाव केे

बीच हुई। इसमें भीम ने शहनूर को पटखनी देकर जीत दर्ज की। अनिल कुमार मूसानगर, अशोक कुमार उन्नाव, मोहित कुमार रोजा, मोहर सिंह खड़ागांव आदि ने भी कुश्ती में दांवपेंच दिखाए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कालपी की लंका पूरे राष्ट्र में विख्यात है। उन्होंने कहा कि मेले के आयोजनों से जहां प्रेम, एकता व आपसी सौहार्द बढ़ता है, वहीं दंगल व कसरत से

मनुष्य का शारीरिक विकास होता है। उन्होंने कहा कि लंका मीनार परिसर के विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए पालिका प्रशासन प्रयासरत है। लंका मीनार प्रबंध समिति के अध्यक्ष ब्रजेंद्र कुमार निगम के अलावा विवेक निगम, मूलचंद्र शर्मा, बाबा सिंह निषाद, सलीम अंसारी आदि मौजूद रहे।
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