ग्रामीण इलाकों में अन्ना जानवर इस समय किसानों के लिए नासूर बन गए हैं। स्थिति यह है कि खेतों में खड़ी फसलें अन्ना मवेशी घुसकर चौपट कर रहे हैं, जिससे किसान बेहद परेशान हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से अन्ना जानवरों के लिए गौशाला खुलवाने की मांग की। जिले का किसान वैसे ही दैवी आपदा से जूझ रहा है। किसी तरह उसने फसलों की बुवाई कर पाई,
लेकिन अब अन्ना जानवर किसानों के लिए परेशानी बन गए हैं। ग्रामीण इलाकों में इस समय अन्ना मवेशियों की संख्या बढ़ती जा रही है। किसानों की जरा सी नजर हटते ही जानवर खेतोें में घुसकर फसल चौपट कर देते हैं। जानवरों से फसलों को बचाने के लिए अब किसानों ने खेतों पर ही डेरा डाल लिया है। किसान संजू, प्रेमशंकर, सीताराम, लक्ष्मन, करन सिंह,
अरविंद कुमार, बाबूराम सिंह, श्याम बाबू, महेश चंद्र आदि का कहना है कि अन्ना मवेशी फसलों को रौंदकर खराब कर रहे है। कई मर्तबा विभागीय अधिकारियों से इस पर रोक लगाने की मांग की, लेकिन इसकेे बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया गया। किसानों ने जिला प्रशासन को पत्र भेज गौशाला खुलवाने और अन्ना जानवरों को उसमें रखने की मांग की।