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Jalaun News: पलक को मिला लता मंगेशकर पुरस्कार

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फोटो -01 छात्रा पलक पाल को लता मंगेशकर पुरस्कार से सम्मानित करते अतिथि। स्वयं
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उरई। देश की भारत रत्न लता मंगेशकर की जयंती पर रविवार को ''लता मंगेशकर पुरस्कार'' से छात्रा पलक प्रजापति को सम्मानित किया गया। अरविंद माधुरी तिवारी महाविद्यालय में समारोह आयेजित हुआ। पुरस्कार का यह चौथा वर्ष था। सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि उप्र उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं डीवी काॅलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. दिलीप सेठ ने कहा कि लता जी को लेकर हर भारतवासी के मन में गौरव है। उनके गीत मन को रोमांचित कर देते हैं। उन्होंने कहा कि सफलता वही प्राप्त कर पाता है जो अपनी प्रतिभा के साथ न्याय करता है। इसलिए मजबूत संकल्प के साथ युवा वर्ग को आगे बढ़ना चाहिए। लता जी भी अपनी अटूट मेहनत के दम पर ही दुनिया में नाम रोशन कर पाईं ।
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प्रमुख अतिथि भाजपा की जिला उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने कहा कि लता मंगेशकर का पूरा जीवन स्मरण योग्य है। युवा पीढ़ी को इसका अनुशरण करना चाहिए। एक बेटी के रूप में उन्हें कितना संघर्ष करना पड़ा। वह तकलीफों से कभी नहीं घबराई। हर चुनौती का डटकर मुकाबला किया।

प्राचार्य डॉ. राकेश द्विवेदी ने कहा कि विद्यार्थी वर्ग को कठिन मेहनत से कभी घबराना नहीं चाहिए। लता मंगेशकर को पहले तपना पड़ा तब वह अपने जीवन में निखार ला पाईं। विद्यार्थी वर्ग निष्ठा के साथ दायित्व को निभाए। लता मंगेशकर का जीवन विपरीत परिस्थितियों में भी सफलता पाने का सबसे अच्छा उदाहरण है। इस अवसर पर बीए की छात्रा पलक पाल को 2500 की धनराशि और प्रमाणपत्र देकर अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। इसके पूर्व दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना के साथ समारोह की शुरुआत हुई। सरस्वती वंदना वर्तिका, सृष्टि, कल्पना ने प्रस्तुत की। स्वागत गीत नेहा और वर्तिका ने प्रस्तुत किया। सिदरा ने लता द्वारा गाये दो गीतों को गाया। समारोह का संचालन आरती पांडेय ने किया। खुशबू ने गीत प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य क्रमांक शुक्ला, केके अग्रवाल,अनिल सिंह, हर्षित नगाइच, अनूप गुप्ता, दीपक तिवारी आदि उपस्थित रहे।
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पुरस्कार जीतने वाली तीसरी छात्रा बनीं दिव्या


लता मंगेशकर पुरस्कार की घोषणा कॉलेज ने लता मंगेशकर के निधन पर कॉलेज हुई श्रद्धांजलि सभा में की थी। पुरस्कार जीतने वाली बीएससी छात्रा खुशबू पाल पहली विजेता बनी। दूसरे वर्ष का पुरस्कार रेणुका साहू को मिला। इस वर्ष तीसरे वर्ष का पुरस्कार दिव्या पाल के हिस्से में आया। पुरस्कार के लिए कुछ मानदंड निश्चित हैं। जिसके तहत विद्यार्थी का नियमित पाठन, अनुशासन और विनम्रता पूर्ण आचरण मुख्य बिंदुओं में शामिल हैं।
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