उरई। शहर की राठ रोड निवासी अवंतिका तिवारी का निशुल्क शिक्षा अभियान आज सैकड़ों जरूरतमंद बच्चों के जीवन में बदलाव ला रहा है। मां स्नेहलता तिवारी की प्रेरणा से शुरू हुआ यह प्रयास अब हमारी उम्मीद मिशन के रूप में एक मजबूत पहल बन चुका है। उनकी क्लास में करीब 300 बच्चे निशुल्क शिक्षा पाकर अपने सपने की उड़ान भर रहे हैं।
राठ रोड निवासी अवंतिका ने शुरुआत स्टेशन के आसपास रहने वाले गरीब बच्चों को पढ़ाने से की थी। उस समय उन्होंने बेरी वाले बाबा के स्थान पर बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। लोगों ने उनके इस कदम का विरोध किया और हंसी-मजाक भी उड़ाया लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। महज 10 बच्चों से शुरू हुआ यह सफर आज करीब 300 बच्चों तक पहुंच गया है।
वर्तमान में अवंतिका राठ रोड स्थित मंडी परिसर में नियमित कक्षाएं संचालित कर रही हैं। खास बात यह है कि अब इस मिशन से करीब 20 शिक्षक भी जुड़ चुके हैं, जो बच्चों को अलग-अलग विषयों की पढ़ाई में सहयोग दे रहे हैं।
हमारी उम्मीद मिशन के तहत बच्चों को केवल शैक्षिक ज्ञान ही नहीं बल्कि खेलकूद, सामान्य ज्ञान, नैतिक शिक्षा और जीवन उपयोगी जानकारियां भी दी जाती हैं, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके।
अवंतिका तिवारी का कहना है कि उनका उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उनका मानना है कि बच्चे जितना आगे बढ़ेंगे, जिला और समाज उतना ही उन्नत होगा।
आज अवंतिका की इस पहल की शहर में सराहना हो रही है। जिन बच्चों के पास कभी पढ़ने के साधन नहीं थे, वे अब न सिर्फ शिक्षा से जुड़ रहे हैं, बल्कि अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। अवंतिका कहना है कि उनकी सोच है कि यह बच्चे किसी से पीछे नहीं रहें। वह कई बच्चों का प्राइवेट स्कूलों में दाखिला भी करवा चुकी हैं।