उरई (जालौन)। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर विद्वत परिषद की संगोष्ठी में मुख्य अतिथि शिवपाल विश्वकर्मा ने कहा कि कोई भी देश बिना शिक्षा के आगे नहीं बढ़ सकता है।
प्रधानाचार्य प्रकाश नारायण त्रिपाठी ने कहा कि नई शिक्षा नीति देश का भविष्य तय करेगी। ज्ञान, संस्कार और चरित्र को बढ़ावा देंगी। युवा पीढ़ी को स्वावलंबी बनाएगी। नई शिक्षा नीति भारतीय जीवन दर्शन का प्रमाणन है। डॉ. अलका नायक ने कहा कि संस्कृति का निर्माण शिक्षा करती है। योग शिक्षक डॉ. रमन कुमार त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा के द्वारा ही देश विश्व गुरु बन सकता है। अनुभव द्वारा ज्ञान प्राप्त करना ही शिक्षा है। डॉ. राजेश पालीवाल ने कहा कि नई शिक्षा नीति भारतीयों को इंसान बनाना चाहती है।
ओमनारायण ने कहा कि पुरानी शिक्षा नीति में हमें अपने गौरवशाली इतिहास से वंचित रखा गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता डॉ. प्रयाग नारायण त्रिपाठी ने की। संचालन गोविंद श्याम ने किया। इस मौके पर कामता प्रसाद, शोभित गौतम, ओमप्रकाश, सीताराम शुक्ला, आशुतोष, मनोज गुप्ता, संतोष राय, महेश तिवारी और दिनेश चंद्र चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
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