हमीरपुरा गांव में ग्रामीणों से शिकायतें सुनती टीम।
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रामपुरा (जालौन)। विकासखंड के ग्राम पंचायत हमीरपुरा के ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम डॉक्टर मन्नान अख्तर के निर्देश पर गठित टीम के सदस्यों ने गांव पहुंचकर जानकारी ली। इस दौरान टीम सदस्यों ने ग्रामीणों की शिकायतों को सुना और सीसी रोड की नापजोख की। कई शिकायतों के निस्तारण के लिए बीडीओ ने ग्रामीणों को ब्लाक कार्यालय आने को कहा।
गांव के राघवेंद्र, लवलेश व संतोष ने ग्राम पंचायत में हो रहे कामों की शिकायत डीएम से की थी। इस पर डीएम ने डीसी मनरेगा अवधेश कुमार दीक्षित, डीपीआरओ अभय कुमार और जेई डीआरडीए मुमताज अली की एक टीम बनाकर मौके पर जाकर आख्या देने के आदेश दिए थे। बृहस्पतिवार को टीम के तीनों अफसर बीडीओ ओमप्रकाश द्विवेदी और सचिव के साथ ग्राम पंचायत पहुंचकर ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं। ग्रामीणों ने कहा कि उनको शौचालय के लिए पैसा नहीं दिया गया। राघवेंद्र ने अफसरों को बताया कि उसने मनरेगा गारंटी योजना के तहत काम किया गया, लेकिन 12 दिनों का भुगतान अभी तक नहीं किया गया।
आरोप लगाया कि सुविधा शुल्क न देने पर आवास के पात्रों के नाम काट दिए गए। ग्रामीणों की शिकायतें सुनने के बाद बीडीओ ने शिकायतकर्ताओं से कहा कि शौचालय, आवास व मनरेगा में जो समस्या हैं उसके लिए ब्लाक कार्यालय आएं। जांच कराकर समस्याओं का निस्तारण भी किया जाएगा। इस दौरान ग्राम पंचायत सचिव रत्नेश कुमार, प्रधान प्रतिनिधि चंद्रशेखर आदि रहे।
बगैर मास्क के घूमते नजर आए सचिव
कोविड 19 के चलते शासन द्वारा सभी कर्मियों को आदेश दिए गए कि मास्क लगाए और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, लेकिन ग्राम पंचायत के सचिव अफसरों के सामने बगैर मास्क के घूमते नजर आए।
शिकायतकर्ता को किया पुलिस के हवाले
शिकायतकर्ता राघवेंद्र को तेज आवाज में बात करना महंगा पड़ गया। राघवेंद्र तेज आवाज में अधिकारियों से शिकायत कर रहे थे। अधिकारियों द्वारा मना करने के बावजूद जब नहीं मानें तो अधिकारियों ने पुलिस के हवाले कर दिया।