कालपी (जालौन)। लगभग दो दशकों से अधूरे हाईवे के जाम से जूझ रहे लोगों को दीवाली पर बड़ा तोहफा मिला है। शुक्रवार को जिला प्रशासन ने ओवर ब्रिज को सभी तरह के वाहनों के लिए खोल दिया। एसडीएम जयेंद्र कुमार और कोतवाल शिवगोपाल की निगरानी में वाहन निकलवाए गए। ओवरब्रिज चालू होने से लोगों में खुशी दिखी।
भूमि विवाद और धार्मिक स्थलों का विस्थापन न हो पाने के कारण वर्ष 2004 से हाईवे फोरलेन चौड़ीकरण का कार्य अधूरा पड़ा था। विधायक नरेंद्र सिंह जादौन और डीएम डॉ. मन्नान अख्तर के प्रयास से 8 सितंबर 2018 को धार्मिक स्थलों का विस्थापित कराया जा सका। फिर 45 करोड़ रुपये की लागत से दो वर्ष में 800 मीटर लंबा ओवरब्रिज बनकर तैयार हो गया। पिछले सप्ताह ओवर ब्रिज पर यातायात एक साइड से खोल दिया था।
तक ऐसा लग रहा था कि ओवरब्रिज पर शायद ही शुरू हो पाए। जिलाधिकारी के सख्त निर्देश के बाद कंपनी के कर्मचारियों ने कार्य में तेजी दिखाई और शुक्रवार को टेस्टिंग के बाद ओवरब्रिज से सभी तरह के वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया गया। ओवरब्रिज चालू होने से लोगों को वर्षों पुरानी जाम की समस्या से निजात मिल गई। हाईवे अथारिटी के जनसंपर्क अधिकारी डी एन तिवारी ने बताया कि शुक्रवार से हाईवे पर दोनों ओर के वाहन आने जाने लगे हैं।
जाम से मिलेगी राहत : विधायक
नरेंद्र पाल सिंह जादौन ने वर्ष 2017 में विधायक बनने के साथ ही कालपी के अधूरे फोरलेन को पूरा कराने व ओवरब्रिज का निर्माण कराने का संकल्प लिया था। इसके लिए वह कई बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी से भी मिले। निर्माण में आ रहीं सभी बाधाएं दूर कराईं। विधायक के प्रयास से 2020 में ओवरब्रिज चालू हो गया। विधायक ने कहा कि कालपी की जनता को दुर्घटनाओं व जाम से निजात मिल जाएगी।
जनहित में जरूरी था ब्रिज : डीएम
फोरलेन और ओवरब्रिज का जटिल काम पूरा कराने में डीएम मन्नान अख्तर का भी विशेष प्रयास रहा। उन्होंने सभी धार्मिक स्थलों का विस्थापन कराने के लिए लोगों से बातचीत की। डीएम का कहना है कि जनहित में यह कार्य बहुत ही जरूरी था। इससे जिले के विकास को रफ्तार मिलेगी। इसके साथ साथ झांसी-कानपुर के यात्रियों को भी जाम से नहीं जूझना पड़ेगा।