उरई। जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर की अध्यक्षता में जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक कलक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई। बैठक में उद्यमियों ने लंबित आवेदनों के समय से निस्तारण न होने का मुद्दा उठाया। उद्यमियों ने बताया कि विद्युत, प्रदूषण व स्वास्थ्य विभाग से संबंधित 50 से ज्यादा आवेदन लंबे समय से लंबित हैं। डीएम ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को समस्याओं के जल्द निस्तारण के निर्देश दिए।
बैठक में सहायक आयुक्त उद्योग योगेश कामेश्वर ने ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ को लेकर बिंदुवार चर्चा की। उन्होंने बताया कि ऋण सहायता योजना के अंतर्गत 2020-21 में संपूर्ण प्रक्रिया आनलाइन कर दी गई हैं। जिसमें पोर्टल पर प्राप्त 29 आवेदन पत्रों में से 19 आवेदन पत्रों की मार्जिन मनी विभिन्न बैंकों को आनलाइन भेजी की जा
चुकी हैं। डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्योग बंधुओं की समस्याओं का समय से निस्तारण किया जाए। निवेश मित्र योजना की समीक्षा के दौरान सदस्य सचिव ने बताया कि प्रदूषण विभाग के 09, विद्युत विभाग के 25, औषधि का 01 मामला लंबित है। इसके अलावा विद्युत विभाग के 11 मामले अरसे से लंबित हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने जल्द से जल्द निस्तारण के निर्देश दिए।
वहीं मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 2020-21 में योजनांतर्गत जनपद में सभी आवेदन ऑनलाइन मांगे गए थे। साक्षात्कार की प्रक्रिया को भी समाप्त कर दिया गया है। पोर्टल पर प्राप्त कुल 91 आवेदन पत्रों में से 45 आवेदन की मार्जिन मनी विभिन्न बैंकों का आनलाइन भेजी किया जा चुकी है। अभी
तक विभिन्न बैंकों द्वारा 08 मामलों में ऋण स्वीकृति प्रदान करते हुए 03 पात्रों को ऋण वितरण भी किया जा चुका हैं। बैठक में कई अधिकारियों के न पहुंचने पर जिलाधिकारी ने कड़ी हिदायत दी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत कुमार श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी सदर संतोष कुमार सहित अन्य उद्यमी व संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।