कोंच। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 24 सितंबर को होने वाली शादी से एक दिन पहले आय प्रमाणपत्र बनवाने तहसील पहुंची युवती ने लेखपाल और तहसील कर्मचारी पर 500 रुपये लेने के बावजूद प्रमाणपत्र के लिए रिपोर्ट न लगाने का आरोप लगाया है। युवती का कहना है कि शिकायत करने की बात कहने पर लेखपाल ने कर्मचारी से रुपये वापस मंगवा लिए और उसे दुत्कारकर वहां से भगा दिया। पीड़िता ने एसडीएम कार्यालय में शिकायती पत्र दिया है।
तहसील क्षेत्र के ग्राम कूड़ा निवासी कुमारी मोती पुत्री स्व. गयाप्रसाद वर्मा ने एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 24 सितंबर को उरई में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत उसका विवाह होना है। योजना का लाभ लेने के लिए उसने अपनी मां के नाम आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। युवती के अनुसार, 21 सितंबर को वह तहसील पहुंची और गांव से संबद्ध लेखपाल से समय रहते आवेदन पर रिपोर्ट लगाने की गुहार लगाई।
आरोप है कि लेखपाल ने 500 रुपये देने पर खुद और तहसील के एक कर्मचारी से समय से रिपोर्ट लगवाने की बात कही। युवती का कहना है कि उसने मजबूरी में 500 रुपये दे दिए। बुधवार को प्रमाणपत्र लेने पहुंचने पर लेखपाल उसे तहसील कर्मचारी के पास ले गए। वहां कर्मचारी ने रिपोर्ट न लग पाने की बात कही। युवती के अनुसार, कुछ और रुपये देने का संकेत मिलने पर उसने एसडीएम से शिकायत करने की बात कही।
आरोप है कि इसके बाद लेखपाल ने कर्मचारी से उसके दिए 500 रुपये वापस मंगवाए और उसे दुत्कारकर वहां से भगा दिया। शादी से एक दिन पहले प्रमाणपत्र न मिलने से परेशान युवती ने एसडीएम से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने और समय रहते आय प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने की मांग की है।
तहसीलदार मनोज कुमार ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। शिकायत पत्र प्राप्त होने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।