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अब गांवों में खतौनी के साथ बनेगी घरौनी, सर्वे शुरू

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एट। अब किसान के पास खेती के कागजों के साथ साथ घर के कागज भी सरकारी रिकार्डों में दर्ज होंगे। जिससे ग्रामीण एक क्लिक में तहसील से अपने घर के कागजात निकाल सकेंगे। इसके लिए शासन ने स्वामित्व योजना शुरू की है। शासन ने इस योजना को जिले में प्रायलट प्रोजेक्ट के तहत 11 गांवों में शुरु किया है। जिसमें मंगलवार को तहसीलदार उरई ने एट क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से बने मकानों के नक्शे का सर्वे कराकर योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि जल्द ही इसे जिले की सभी 575 ग्राम पंचायतों में शुरू किया जाएगा।
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गांवों मे बनें मकानों को कोई सरकारी कागजात न होने व उनका परिवार में आपसी बटवारा होने से आए दिन विवाद की स्थिति बनी रहती है। इसके साथ ही कई रिकार्ड न होने से गांव के कुछ दबंग ग्रामीण ग्राम सभा या अन्य किसी की जमीन व मकान पर जबरन कब्जा कर लेते है। ग्राम स्तर पर आने वाली इन समस्याओं को शासन ने गंभीरता से लिया है और इसके निदान के लिए स्वामित्व योजना शुरू की है। बुधवार को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर स्वामित्व योजना के अंतर्गत सदर तहसील के चयनित 5 गांवों में तहसीलदार कर्मवीर सिंह ने ड्रोन से सर्व शुरू करा दिया है। गांव के ऊपर ड्रोन देख लोगों में उत्साह दिखा और लोग अपनी छतों पर बैठे नजर आए। तहसीलदार ने बताया कि सरकार की मंशा है, कि ज्यादातर गांव में मकान बिना लिखा पढ़ी के है। जिससे आए दिन परिवार में बंटवारे को लेकर विवाद बना रहता है कभी कभी विवाद इतना बढ़ जाता है कि खूनी संघर्ष में बदल जाता है, इसलिए गांव में प्रतेक मकान का ड्रोन के माध्यम से सर्वे कराकर उसमें रहने वाले परिवारों का हिस्सा वाट करके खतौनी की तर्ज पर घरौनी प्रत्येक मकान मालिक को को दी जाएगी। उसमें परिवार में रहने वाले सभी लोगों के मकान का हिस्सा चढ़ा होगा और वह एक रजिस्ट्री की तरह मान्य होगी। इससे ग्रामीणों को काफी लाभ मिलेंगे। उन्होंने बताया कि जिस तहर ऑनलाइन खतौनी देखी जाती है, उसी तरह पैतृक मकान में अपनी हिस्सेदारी ऑनलाइन देखी जा सकती है। सर्व के बाद उप जिलाधिकारी चयनित गांव में जाकर प्रत्येक गृह स्वामियों को प्रमाण पत्र देंगे। इस दौरान प्रधान गुरु प्रसाद शर्मा, लेखपाल देवेंद्र सिंह परिहार, लेखपाल सुनील खरे, सचिव मुकेश सिंह सहित ग्रामीण उपस्थित रहे।
जिले में इस योजना के लिए उरई व जालौन तहसील का चयन किया गया है। इसके अंतर्गत उरई तहसील से एट क्षेत्र को चुना गया है। इसके अंतर्गत एट क्षेत्र से ग्राम पचोखरा, सेई, भिटारा, सेवढी, टिकरिया आदि को लिया गया है। इसके साथ ही जालौन तहसील के छह गांवों को भी शामिल किया गया है।
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शासन की नई गाइड लाइन के अनुसार सर्वे के बाद किसान के पास भूमि की खतौनी की तरह मकान व जमीन की सरकारी कागज बन जाएंगे, जिसके बाद किसान अपने हिस्से के मकान से बैंक में लौन, किसी की जमानत आदि ले सकेगा। अभी तक गांवों में मकानों के कोई सरकारी कागज न होने पर बैंक उन पर किसी प्रकार का लौन नहीं देती थी। सर्वे से किसानों को काफी सहूलियत मिलेंगी।
जिला प्रशासन की माने तो फिलहाल इस योजना को जालौन व उरई तहसील क्षेत्र के गांवों में शुरू किया जा रहा है। जिससे की प्रशासन को सर्वे में आ रही समस्याओं के विषय में जानकारी मिल सके। इसके बाद इस योजना को जिले की पांचों तहसीलों की सभी 575 ग्राम पंचायतों में लागू किया जाएगा।
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