उरई। छह साल पुराने चेक बाउंस के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे की अदालत ने गुरुवार को फैसला सुनाया। दोषी शकील को एक साल के कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही 13.50 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
शहर के मोहल्ला गोपालगंज निवासी अरविंद गुप्ता ने चंद्रनगर निवासी शकील को 12 दिसंबर 2017 को किसी काम के लिए पांच लाख रुपये दिए थे। इसके बाद एक लाख और नौ मई 2018 को दो लाख रुपये इस आश्वासन पर दिए कि पूरी रकम एक साथ वापस कर दी जाएगी। रकम नूर मोबाइल्स के नाम से खुले खाते में भेजी गई थी।
कुछ समय बाद रुपये वापस मांगने पर शकील ने अरविंद को नौ लाख रुपये का चेक दिया। अरविंद ने 23 अक्तूबर 2020 को चेक बैंक में लगाया, लेकिन वह बाउंस हो गया। इसके बाद उन्होंने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। करीब छह साल चले मुकदमे में गुरुवार को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने शकील को दोषी ठहराते हुए एक साल की सजा और 13.50 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। (संवाद)