रामपुरा। थाना क्षेत्र के छोटी बेड़ कदमपुरा गांव में निवासी घायल व्यक्ति की आठ दिन बाद ग्वालियर में इलाज के दौरान मौत हो गई। बृहस्पतिवार को परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। सीओ के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
छोटीगांव निवासी रमेश उर्फ पप्पू (55) दाह संस्कार में शामिल होने गए थे। वहां से लौटते समय रास्ते में घात लगाए बैठे चार लोगों ने उन्हें रोक लिया और मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसी दौरान उनके भाई और भतीजे ने उन्हें पिटते हुए देखा तो हमलावर मौके से भाग गए।
परिजन घायल रमेश को रामपुरा अस्पताल ले गए। हालत गंभीर होने पर उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया गया। वहां आठ दिन तक उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुत्र विनय ने घटना के बाद अवधेश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
रमेश का शव गांव पहुंचने पर परिजन में कोहराम मच गया। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। बाद में सीओ अंबुज सिंह यादव मौके पर पहुंचे और जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।
रमेश मजदूरी और खेती करके परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मौत से पत्नी मीरा देवी, बेटे विनय (21), विकास (18) और 15 वर्षीय बेटी ज्योति का रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी दो विवाहित बेटियां भी हैं। परिवार के मुखिया की मौत से परिजनों के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
परिजन बोले, चार लोगों के खिलाफ दी तहरीर, एक पर ही लिखी प्राथमिकी
विनय कुमार का कहना है कि उनके पिता को चार लोगों ने घेरकर मारा था। जब वह घर लौट रहे थे, तो उन्हें अरविंद, उसके भाई अवधेश व भूरे समेत चार लोगों ने घेर लिया था और उसके पिता के ऊपर हमलाकर कर उन्हें मरणासन्न कर दिया था। आरोप है कि जब वह शिकायत लेकर पहुंचे तो वहां तैनात उपनिरीक्षक ने तहरीर बदल दी और अवधेश को ही केवल आरोपी बनाया।
आरोपी के भाई से रमेश की थी अच्छी दोस्ती
पुलिस की माने तो अवधेश के खिलाफ उसी दिन प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। बताया कि अवधेश तीन भाई है। इसमें केवल अरविंद की शादी हुई है। वहीं रमेश और अरविंद में अच्छी दोस्ती थी। वह दोनों साथ में खेती भी करते थे। इस पर दोनों का एक दूसरे के घर आना-जाना था, लेकिन यह बात उनके भाई अवधेश और भूरे को सही नहीं लगती थी। घटना के दिन जब रमेश खेत होते हुए लौट रहा था, तभी उसके ऊपर हमला किया गया, इससे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
वर्जन
मामले में आरोपी के खिलाफ पहले ही प्राथमिकी दर्ज कर ली गई थी। परिजन द्वारा लगाए जा रहे आरोपी की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। - अंबुज यादव, सीओ माधौगढ़।
फोटो - 05 मृतक रमेश की फाइल फोटो।