टीईटी के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में
प्रधानाचार्यों की बैठक ली। इसमें उन्होंने परीक्षा से संबधित जानकारी दी।
इसके अलावा तैयारी के बारे में भी जानकारी ली। गौरतलब है कि टीईटी दो फरवरी
को आयोजित की जानी है। इस परीक्षा में जूनियर स्तर की टीईटी के लिए 16
परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं जिन पर 9923
आवेदकों के बैठने की व्यवस्था की
गई है। इसके अलावा प्राइमरी स्तर की टीईटी के लिए पांच परीक्षा केंद्र बनाए
गए हैं जिन पर 2941 आवेदकों के बैठने की व्यवस्था है। इस परीक्षा को कराने
के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला विद्यालय निरीक्षक ने उन
प्रधानाचार्यो की बैठक ली जिनके विद्यालय केंद्र बनाए गए हैं। बैठक में
जिला विद्यालय निरीक्षक
राजेंद्र बाबू ने सभी प्रधानाचार्यों से कहा कि
परीक्षा में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान डायट प्राचार्य
रतन सिंह, नगर शिक्षा अधिकारी गनपत लाल, संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य
डा. जग प्रसाद चतुर्वेदी, डीवीसी के प्राचार्य डा. तारेश भाटिया, गांधी
महाविद्यालय की प्राचार्या डा. अलका नायक के अलावा डी के सिंह, हाकिम सिंह
यादव, रजनीश, अमर सिंह निरंजन, कमला अग्रवाल, अनुराग आदि प्रधानाचार्य
मौजूद रहे।
पांच सेक्टर मजिस्ट्रेट होंगे तैनात
टीईटी परीक्षा के लिए पांच सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है।
प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर हर 15 मिनट में कोई न कोई मजिस्ट्रेट मौजूद
रहेगा। किसी भी तरह की गड़बड़ी करने पर सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी।
प्रत्येक केंद्र पर दो पर्यवेक्षक रहेंगे
टीईटी परीक्षा में बनाए गए 16 परीक्षा केंद्रों पर दो पर्यवेक्षक तैनात
किये गए हैं। इसमें एक पर्यवेक्षक शिक्षा विभाग द्वारा और दूसरा पर्यवेक्षक
जिलाधिकारी द्वारा नामित किया गया है।
यह रहेगा परीक्षा का समय
जूनियर स्तर की टीईटी परीक्षा का समय सुबह 10.00 से 12.30 बजे तक रहेगा।
वहीं, प्राइमरी स्तर की टीईटी का समय अपराह्न 2.30 से 5.00 बजे तक रहेगा।
इस बीच परीक्षा केंद्र के 200 मीटर दायरे की सभी फोटो स्टेट की मशीनें बंद
रहेंगी।