उरई। राजकीय मेडिकल कॉलेज बीएससी नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने नोडल अधिकारी पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की है। आरोप है कि छात्र-छात्राओं को परीक्षा में बैठने से वंचित किया जा रहा है। इससे वह मानसिक रूप से परेशान हैं। वहीं, मेडिकल कॉलेज की नर्सिंग नोडल अधिकारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
कॉलेज ऑफ नर्सिंग राजकीय मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार को डीएम को शिकायती पत्र दिया। बताया कि नोडल अधिकारी डॉ. आफरीना नासिर उन्हें परीक्षा में बैठने से वंचित कर रही हैं। दुर्घटना के कारण कुछ छात्र-छात्राएं नियमित रूप से कक्षा में उपस्थित नहीं हो सकीं। इससे उनकी उपस्थिति निर्धारित सीमा से कम हो गई।
कहा कि छात्र-छात्राओं ने पाठ्यक्रम भी पूरा कर लिया है। वह परीक्षा देने के लिए तैयार भी हैं। साथ ही उनकी पूरी फीस जमा है, लेकिन नोडल अधिकारी ने मनमानी करते हुए उपस्थिति को ही पोर्टल में आख्या लगाकर शासन को भेज दिया गया है। इससे छात्र-छात्राएं आर्थिक व मानसिक रूप से परेशान हैं। छात्र-छात्राओं ने डीएम से मांग की है कि परीक्षा के बारे में उन्हें सूचना दी जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जिससे उनका भविष्य खराब न हो। इस मामले में नोडल अधिकारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका कहना है कि अगर बच्चों को ऐसा लग रहा है कि उनका व्यवहार ठीक नहीं है तो वह अपने पद से ही हट जातीं हैं। बता दें कि डॉ. रीना कुमारी के प्रधानाचार्य पद से हटने के बाद डॉ. आफरीना नासिर ने 19 जनवरी को नर्सिंग कॉलेज के नोडल अधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला था, लेकिन कुछ ही दिनों के बाद उन पर भी आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।