उरई। पानी का बिल जमा नहीं करने वाले सरकारी विभागों के साथ अब प्राइवेट संस्थानों पर भी जल संस्थान कार्रवाई कर रहा है। पहली सूची में मेडिकल कॉलेज समेत कई विभागों को नोटिस जारी हुए हैं।
मेडिकल कॉलेज ने 1.17 करोड़ रुपये दो साल से नहीं चुकाए हैं। इस पर विभाग ने नोटिस जारी किया है। वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने में जल संस्थान राजस्व वसूली में लक्ष्य से कोसों दूर है। हर महीने विभाग राजस्व वसूली में पिछड़ता ही गया। इसके चलते एक साल में मात्र छह करोड़ की ही वसूली हो पाई है। जबकि लक्ष्य 16 करोड़ का था। 85 हजार उपभोक्ताओं से वसूला जाना था। वसूली कम होने पर झांसी डिवीजन से राजस्व वसूली बढ़ाने को लेकर निर्देश दिए थे।
इसको लेकर जल संस्थान अब बकायेदार विभागों को नोटिस के साथ कनेक्शन काटने की तैयारी कर रहा। पहली सूची में करीब 48 विभागों को नोटिस जारी किए हैं। इसमें राजकीय मेडिकल कॉलेज भी शामिल है। हर साल मेडिकल कॉलेज की तरफ से अपना बकाया जमा कर दिया जाता था, लेकिन दो साल से मेडिकल कॉलेज की तरफ से भी पानी के बकाये को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके चलते मेडिकल कॉलेज के ऊपर 1.17 करोड़ रुपये का बकाया हो गया है। अगर तय समय में मेडिकल कॉ़लेज बकाया जमा नहीं करता है तो विभागीय कार्रवाई होगी।
इन विभागों पर है बकाया
शाखा प्रबंधक यूनियन बैंक कालपी बस स्टैंड, नेत्र अस्पताल, रामकुंड, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, जिला परिषद कार्यालय, अधिशासी अभियंता तृतीय पीडब्लयूडी निर्माण विभाग, एडीएम कार्यालय, तहसीलदार, प्रोजेक्ट वैकल्पिक ऊर्जा संस्थान कलक्ट्रेट, भूमि संरक्षण विभाग सहित 48 विभागों पर एक से तीन लाख बकाया है। इनको नोटिस जारी हुए हैं।
वर्जन-
बड़े बकायेदारों के लगातार नोटिस जारी हो रहे हैं। उनसे बकाया जमा करने के लिए कहा जा रहा है। अगर इन सब के बाद भी बकाया जमा नहीं होता है तो कनेक्शन काटने की कार्रवाई होगी। मेडिकल कॉलेज को भी नोटिस जारी हुआ है।
-विकास चौहान, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान