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Jalaun News: बयान से पलटे चार गवाहों को नोटिस

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उरई। 19 साल पुराने हत्या व लूट के मामले में वादी और गवाहों के बयान से मुकरने पर में अदालत ने आरोपी को दोषमुक्त करार दिया। साथी ही वादी समेत चार के खिलाफ बयान से मुकरने पर कोर्ट ने नोटिस जारी किए हैं।
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चुर्खी थाना क्षेत्र के ग्राम बिनौरा वैध निवासी विजय पाल सिंह ने जालौन कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी बहन अर्चना की शादी जालौन कोतवाली क्षेत्र के सिहारी दाउदपुर गांव निवासी रंजीत सिंह से हुई थी। बहन-बहनोई लगभग पांच वर्ष से शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नया पटेलनगर में रहते थे।
30 अप्रैल 2006 को बहन-बहनोई व भांजा बाइक से नैनापुर गांव गए थे। लौटते समय जालौन औरैया मार्ग स्थित हरीपुरा गांव के पास नया बल्लू यादव शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नया पटेलनगर ने अपने दो साथियों के साथ बाइक आगे लगाकर रोक लिया। बहन के सोने-चांदी के जेवर छीनने लगे। बहनोई रंजीत ने विरोध किया तो कनपटी पर तमंचे से गोली मार दी।
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बहन के जेवर लेकर भागने लगे। उसकी चीख पुकार सुनकर यशवंत सिंह, उदयवीर सिंह पहुंचे तो बदमाश औरैया की तरफ भाग गए। रंजीत को जिला अस्पताल में मृत घोषित कर दिया। बल्लू यादव व उसके दो अन्य साथियों के खिलाफ हत्या, लूट की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। विवेचना में बल्लू यादव की मौजूदगी नहीं पाई गई।
पुलिस की जांच में बंगरा निवासी संजू उर्फ संजीव शर्मा का नाम सामने आया था। महिला सहित चार लोगों ने लूट व हत्या के मामले में पुलिस को बयान दिया था कि घटना संजू ने की लेकिन पुलिस ने सभी के बयान दर्ज कर आरोपी के खिलाफ डकैती कोर्ट में दो दिसंबर 2010 को चार्जशीट दाखिल कर दी।
कोर्ट में चले ट्रायल के दौरान रंजीत का साला और वादी विजय पाल, पत्नी अर्चना, सहयोगी उदयवीर सिंह, यशवंत सिंह कोर्ट में अपने बयान से मुकर गए। शनिवार को स्पेशल जज डकैती कोर्ट डॉ. अवनीश कुमार ने आरोपी संजीव उर्फ संजू को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया।
वहीं कोर्ट में बयानों से पलटे गवाहों के खिलाफ सीआरपीसी की 344 के तहत चार लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है। अब सभी के खिलाफ अलग से ट्रायल चलाया जाएगा।
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